जूते चप्पल को घर के मुख्य दरवाजे के पास नहीं रखना चाहिए। उन्हें घर के मुख्य दरवाजे से थोड़ी दूर पर रखें । प्रवेश द्वार पर जूते चप्पल ना लगाएं। प्रवेश द्वार के आसपास जूते चप्पलों का रैक नहीं बनवाएं।

जूते चप्पल नकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह करते हैं अतः जूते चप्पलों को घर के अंदर नहीं रखना चाहिए। जूते चप्पल को अपने शयनकक्ष में नहीं रखना चाहिए । अपने पलंग के नीचे जूते चप्पल को कभी ना रखें। 

जूते चप्पल रखने के लिए दक्षिण पश्चिम दिशा सर्वश्रेष्ठ होती है। जूते चप्पल को मुख्य द्वार से थोड़ी दूरी पर एक अलमारी में रखना चाहिए। इस अलमारी को हमेशा बंद रखना चाहिए। जूते चप्पल दिखाई नहीं देना चाहिए

जूते चप्पल को कभी भी उल्टा नहीं रखना चाहिए जब हम उन्हें इधर-उधर फेंक देते हैं तो हमारा शनि कमजोर होने लगता है जिसके दुष्परिणाम स्वरूप हमें आर्थिक, शारीरिक व मानसिक कष्ट होने लगते हैं।

जिन जूते चप्पलों को आपने काफी लंबे समय से प्रयोग नहीं किया है आप उन्हें फेंक दे। जब हम उन्हें लंबे समय से प्रयोग नहीं करते हैं तो वह हमारे घर की सकारात्मक ऊर्जा को दूषित करने लगते हैं।

जूते चप्पल हमेशा व्यवस्थित रखें। मुख्य द्वार के पास जूते चप्पलों का ढेर आपके घर में लड़ाई झगड़े का कारण बन सकता है। अव्यवस्थित तरीके से लगाए हुए जूते नकारात्मक ऊर्जा का बहुत बड़ा स्रोत होते हैं।

चप्पलों का रैक शयन कक्ष, रसोईघर एवं पूजा करने के स्थान के आस पास नहीं होना चाहिए। जूते चप्पलों का रैक कभी भी ईशान कोण में पूर्व या उत्तर दिशा में न बनवाएं। अतः इस दिशा में जूते चप्पल रखने से बचें।

अपनी अलमारी के नीचे जूते चप्पलों का रैक न बनवाएं। अलमारी में आपके कीमती चीजें व डाक्यूमेंट्स रखे जाते हैं। जूते चप्पल अलमारी में रखेंगे तो मां सरस्वती और मां लक्ष्मी दोनों ही आपसे रुष हो सकती है।

आप पर शनिदेव की दशा है तो आप दान में जूते चप्पल दे सकते हैं। लेकिन कभी भी जन्मदिन या किसी विशेष अवसर पर उपहार स्वरूप जूते ना लें। यह वास्तु के अनुसार शुभ नहीं है। यह आपको आर्थिक परेशानी दे सकता है।