कैसी होनी चाहिए वास्तु के हिसाब से नेमप्लेट

घर में घुसने से लेकर बाहर निकलने तक हर एक चीज वास्तु के हिसाब से हो तो जिंदगी में किसी भी तरह की तकलीफ नहीं होती है।बाथरूम से लेकर पूजा घर तक हर जगह वास्तु का विशेष ध्यान रखना चाहिये।इसी तरह घर की नेमप्लेट बनवाते समय और लगाते समय भी वास्तु का ध्यान रखना बहुत जरुरी है।
नेमप्लेट हमारे घर की पहचान है जिसके माध्यम से लोग हमें जानकार हमारे घर आते है।नेमप्लेट मुख्य द्वार की शोभा बढाने के साथ-साथ सकारात्मक ऊर्जा को भी अपनी और आकर्षित करता है।इसलिए आपको भी यह अच्छे से पता होना चाहिए की वास्तु के अनुसार नेमप्लेट कैसी हो किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।

 

वास्तु के अनुसार नेमप्लेट बनवाते समय ध्यान रखें इन बातों का

इस तरह लगायें नेमप्लेट

नेमप्लेट को हमेशा मुख्य द्वार के बाई और लगाना चाहिए।नेमप्लेट प्रवेश द्वार की आधी उंचाई के उपर लगानी चाहिए।इससे घर में सुख-शांति और खुशहाली आती है।घर में किसी भी तरह का तनाव नहीं रहता और सकारात्मक ऊर्जा का वास होता है।

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नेमप्लेट का आकार ऐसा हो

नेमप्लेट का आकार वृताकार, त्रिकोनी या पांच कोने वाला होना चाहिए।एक बात का हमेशा ध्यान रखें की नेमप्लेट को अच्छे से फिक्स करके लगायें ताकि वह गिरे ना।नेमप्लेट के सामने किसी भी तरह का खम्बा या पेड़ नहीं होना चाहिए।

नेमप्लेट के सामने ना रखें यह चीजें

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नेमप्लेट के सामने किसी भी तरह की इलेक्ट्रॉनिक चीजें ना रखें।सफाई का सामान भी नेमप्लेट के सामने नहीं रखना चाहिए।ऐसा वास्तु के अनुसार अशुभ माना जाता है और जो वास्तु के अनुसार अशुभ है वह हमारे लिए भी सही नहीं है।एक बात ध्यान रखें की नेमप्लेट टूटी-फूटी नहीं होनी चाहिए।

नेमप्लेट पर ना हो ऐसे चित्र

नेमप्लेट पर पशु-पक्षी, देवी-देवता आदि की तस्वीरें नहीं होनी चाहिए और इसमें किसी तरह का छेद नहीं होना चाहिए, क्योंकि यह सब वास्तु के हिसाब से सही नहीं माने जाते।

नेमप्लेट के दौरान इन बातों का विशेष ध्यान रखें

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  • नेमप्लेट पर अधिकतम दो लाइन में नाम लिखना चाहिए।
  • नेमप्लेट का रंग घर में मालिक की राशि के अनुरूप होना चाहिए, क्योंकि वे घर के स्वामी होते है।
  • नेमप्लेट पर धुल, गंदगी, जाले आदि नहीं होने चाहिए।
  • नेमप्लेट पर अक्षर इस तरह से लिखे हो ताकि आसानी से पढ़े जा सके।
  • जो नेमप्लेट बनाता है यूज़ उसकी तय राशि के अलावा इनाम भी देना चाहिए।
  • कभी भी दो नेमप्लेट एक साथ नहीं होनी चाहिए.
  • ध्यान रखें की नेमप्लेट के पीछे छिपकली या किसी भी तरह के जीव-जन्तु अपना बसेरा ना कर पायें।
  • नेमप्लेट पर अगर काली चींटियाँ घुमती है तो यह बहुत शुभ माना जाता है।
  • नेमप्लेट पर अंकित अक्षर गिरने या टूटने नहीं चाहिए क्योंकि ये वास्तु के अनुसार अशुभ माना जाता है
  • नेमप्लेट इतनी बड़ी होनी चाहिए की एक या दो फीट की दुरी से भी उसे पढ़ा जा सके।
  • मुख्य द्वार और नेमप्लेट चमकीले होनी चाहिए ताकि किसी को भी आसानी से आकर्षित कर सके।
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