वास्तु के अनुसार बाथरूम और टॉयलेट

वास्तु के अनुसार बाथरूम और टॉयलेट अलग क्यों बनाने चाहिए?

आज भले ही वक्त कितना ही बदला हो लेकिन वास्तु का महत्व और अहमियत बरकरार हैl आज के समय में लोग वास्तु के प्रति काफी जागरूक हैl इसलिए चाहे घर हो या दूकान हर जगह वास्तु का अच्छे से ध्यान रखते हैl घर बनाने से पहले वास्तु के अनुसार हर एक दिशा का बड़ा ध्यान रखते है, क्योंकि उन्हें पता है वास्तु दोष होने से कितना बड़ा नुकसान हो सकता हैl

ऐसे में व्यक्ति घर के अंदर की सभी चीजों को वास्तु के हिसाब से बनाने का प्रयास कर देता है लेकिन कई बार एक जगह गलती कर देता है और वो है बाथरूम और टॉयलेट को एक साथ बनानाl आज के समय में लगभग हर घर में बाथरूम और टॉयलेट एक साथ बनने लगे है जिसे आम बोलचाल में अटेच लेट-बाथरूम कहते हैl

लेकिन क्या आप जानते है वास्तु के अनुसार यह ठीक है या नहीं? क्या आप जानते है इससे घर में कितनी नकारात्मक ऊर्जा आ सकती है? क्या वास्तु बाथरूम और टॉयलेट को एक साथ बनाने की अनुमति देता है? ऐसे कई सवाल है जिनका जवाब जानना जरुरी हैl आईये जानते है वास्तु के अनुसार बाथरूम और टॉयलेट अलग क्यों बनाने चाहिएl

वास्तु के अनुसार बाथरूम और टॉयलेट एक साथ क्यों नहीं बनवाने चाहिए?

आजकल घरों में जगह की कमी होती है जिस वजह से लोग बाथरूम और टॉयलेट को एक साथ ही बना लेते है लेकिन ऐसा करने से घर में वास्तु-दोष उत्पन्न होता हैl जिस घर में बाथरूम और टॉयलेट एक साथ होते है उस घर में नकारात्मक ऊर्जा प्रवेश करती है और वास्तु-दोष रहता हैl ऐसे में घर के सदस्यों में मन-मुटाव की स्थिति रह सकती हैl

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वास्तु के अनुसार बाथरूम और टॉयलेट की सही दिशा

वास्तु के अनुसार घर के अंदर बाथरूम यानी स्नान करने का स्थान पूर्व दिशा में होना चाहिए और टॉयलेट यानी शौचालय का स्थान दक्षिण और दक्षिण-पश्चिम (नैऋत्य) दिशा हैl ऐसे में अगर किसी घर में बाथरूम और टॉयलेट एक स्थान पर होते है तो वास्तु का यह दिशा नियम भंग होता है जिससे नुकसान होता हैl

वास्तु के अनुसार नहाने के स्थान पर चन्द्रमा का वास होता है और टॉयलेट यानी शौचालय का स्थान वहां राहू का वास होता हैl ऐसे में बाथरूम और टॉयलेट यानी चंद्रमा और राहू का वास एक साथ होना वास्तु में सही नहीं माना जाता हैl

चन्द्रमा और राहू दोनों ग्रह एक साथ नहीं रह सकते और चन्द्रमा पर राहू का ग्रहण लग जाता हैl इससे चन्द्रमा दोषपूर्ण हो जाता है, जिसके फलस्वरूप घर पूरी तरह से दूषित हो जाता हैl इसके अलावा चन्द्रमा को जल का और राहू को जहर का कारक माना गया हैl इस वजह से जल, जहर युक्त हो जाता है और इसका प्रभाव पहले व्यक्ति के मन पर पड़ता है और बाद में धीरे-धीरे शरीर इसकी चपेट में आ जाता हैl

इसलिए बाथरूम और टॉयलेट का एक साथ होना परिवार में अलगाव का कारण बनता हैl इससे परिवार के सदस्यों में मन-मुटाव की स्थिति रहती है और उनकी सहनशीलता में कमी आती हैl इसकी वजह से घर के सदस्यों में जलन की भावना आती हैl बाथरूम और टॉयलेट का एक साथ होना वास्तु के नियमों को भंग करना है और इसका असर घर के सदस्यों पर विपरीत पड़ता हैl

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