वास्तु के हिसाब से घर के दरवाजे कैसे होने चाहिए – घर के दरवाजे का वास्तु

वास्तु मुख्य दरवाजा

दरवाजा ही घर के अंदर आने का और घर से बाहर जाने का एक मात्र रास्ता होता है और उसी से माँ लक्ष्मी घर में प्रवेश करती है तथा इसी से घर में पॉजिटिव और नेगेटिव एनर्जी आती है । सभी दुखो और सुखो के आने की प्रवेश द्वार दरवाजा ही होता है । अगर घर का दरवाजा ही गड़बड़ है तो घर में गरीबी, तंगहाली, कर्ज, संकट आदि घुसते है ।

ऐसे में सबसे जरुरी है घर के दरवाजे का वास्तु ठीक होना चाहिए । मुख्य द्वार घर का सबसे महत्वपूर्ण द्वार होता है और उसी से घर में खुशहाली प्रवेश करती है । इसलिए अगर आपने घर के दरवाजों के वास्तु का ख्याल रख दिया तो घर में खुशहाली आने से कोई नहीं रोक सकता । आईये जानते है घर के दरवाजे का वास्तु कैसा होना चाहिए?

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ऐसा होना चाहिए घर के दरवाजे का वास्तु

 

  • घर के मुख्य द्वार पर हमेशा गणेश जी रखें । फूलों का गुलदस्ता रखें । सुंदर परदे लगायें जो की ध्यान रहें काले-नीले ना हो ।
  • दरवाजे पर लाल सिंदूर से बाहर त्रिशूल, स्वस्तिक, ॐ आदि बनाये, क्योंकि इससे घर में सुख-समृद्दी आती है ।
  • मुख्य द्वार पर शुक्रवार को पीले गेंदे की माला टांग दे, ऐसा वास्तु के हिसाब से शुभ माना जाता है ।
  • घर के मुख्य दरवाजे के सामने पेड़, दीवार या खम्बा नहीं होना चाहिए क्योंकि ऐसा अशुभ माना जाता है ।
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इस दिशा में होना चाहिए दरवाजा

 

  • घर का प्रवेश द्वार उतर पूर्व या दक्षिण पूर्व दिशा की और होना चाहिए । ऐसा करने से घर में सुख-शांति बनी रहती है और पॉजिटिव एनर्जी आती है ।
  • पूर्व दिशा में दरवाजा लगाना भी शुभ माना जाता है लेकिन हर बार यह शुभ हो ऐसा कोई जरुरी नहीं, क्योंकि कई मामलों में ऐसा व्यक्ति कर्ज में भी डूब जाता है । इस दिशा में वास्तुदोष होने पर दरवाजे पर तोरण लगाना शुभ माना जाता है ।
  • उतर और पश्चिम दिशा वाला दरवाजा आपको समृद्दी प्रदान करता है लेकिन इसके लिए घर के अंदर का वास्तु भी ठीक होना चाहिए । इस दिशा में जिस घर का दरवाजा होता है उसका आध्यात्म में ध्यान ज्यादा रहता है ।
  • घर के दरवाजे उतर दिशा में बनाना शुभ माना जाता है क्योंकि इस दिशा से समृद्दी, शांति, प्रसिद्दी और प्रसन्नता आती है । घर की खिड़कियाँ भी आप इस दिशा में बना सकते है ।
  • ईशान कोण का दरवाजा वास्तु के अनुसार बहुत शुभ माना जाता है क्योंकि इस दिशा में दरवाजा होने से शांति और उन्नति घर में आती है ।

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दरवाजे के कुछ जरुरी नियम

  • कभी भी एक सीध में तीन दरवाजे नहीं होने चाहिए ।
  • घर में सिर्फ दो ही प्रवेश द्वार होने चाहिए जिसमे एक बड़ा और एक छोटा ।
  • प्रवेश द्वार को मकान के एक कोने में ना बनायें ।
  • मुख्य द्वार के सामने किसी भी तरह का कुआं या गड्डा या कचरा नहीं होना चाहिए । इससे घर में नकारात्मक एनर्जी आती है ।
  • दरवाजे के सामने कभी भी उपर जाने के लिए सीढियां नहीं होनी चाहिए ।
  • दरवाजा हमेशा दो पल्ले का होना चाहिए ।
  • दरवाजे कभी भी ध्यान रखें की टूटे-फूटे नहीं होनी चाहिए अन्यथा प्रगति रुक सकती है ।
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