वास्तु के अनुसार घर का मुख्य द्वार किस दिशा में होना चाहिए

वास्तु के हिसाब से घर के दरवाजे कैसे होने चाहिए – घर के दरवाजे का वास्तु

वास्तु के हिसाब से घर कैसे बनाएं

दरवाजा ही घर के अंदर आने का और घर से बाहर जाने का एक मात्र रास्ता होता है और उसी से माँ लक्ष्मी घर में प्रवेश करती है, तथा इसी से घर में पॉजिटिव और नेगेटिव एनर्जी आती है । सभी दुखो और सुखो के आने की प्रवेश द्वार दरवाजा ही होता है । अगर घर का दरवाजा ही गड़बड़ है तो घर में गरीबी, तंगहाली, कर्ज, संकट आदि घुसते है ।

घर में कितने दरवाजे होने चाहिए?

घर में कितने दरवाजे होने चाहिए? यह एक बहुत ही सामान्य सवाल है जो अक्सर लोगों के मन में उठता है। इसका जवाब देना थोड़ा मुश्किल हो सकता है क्योंकि यह बहुत से तत्वों पर निर्भर करता है। फिर भी, हम कुछ तत्वों को ध्यान में रखकर घर में कितने दरवाजे होने चाहिए इस बारे में बात कर सकते हैं।

आमतौर पर, एक मकान में कम से कम तीन दरवाजे होने चाहिए। एक मुख्य दरवाजा, एक बाहर जाने वाले दरवाजे और एक रसोई या डाइनिंग रूम में जाने वाले दरवाजे। यह सुनिश्चित करने के लिए है कि घर में उपयोगकर्ताओं को आराम से घूमने और आवाज़ फैलाने की अनुमति हो।

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अधिकतम मात्रा में दरवाजे स्वतंत्र रूप से जुड़े रहने चाहिए ताकि लोगों को एक साथ गुजरने में कोई परेशानी न हो। आप यह भी सोच सकते हैं कि एक लाइन में चार दरवाजे कैसे लगेंगे। यह भी आपकी जगह के आधार पर निर्भर करता है।

सामान्यतः, एक घर में कम से कम एक सामने का दरवाजा, एक पीछे का दरवाजा और एक गैराज या कारपोर्ट के लिए दरवाजा होना चाहिए। इसके अलावा, दरवाजों के स्थान और दिशा का भी ध्यान रखना जरूरी होता है। उदाहरण के लिए, मुख्य दरवाजा उत्तर या पूर्व की ओर होना चाहिए, क्योंकि इससे घर में शुभ ऊर्जा आती है। वैसे ही, घर के मुख्य दरवाजे को मंदिर, चर्च, मस्जिद या कब्रिस्तान की ओर नहीं होना चाहिए।

एक सीधी लाइन में अधिक से अधिक दो दरवाजे होने से उनमें उत्तेजना और नकारात्मक ऊर्जा का फ्लो उत्पन्न हो सकता है। इसलिए, एक सीधी लाइन में दो से अधिक दरवाजे होने से बचना चाहिए।

वास्तु के अनुसार घर का मुख्य द्वार किस दिशा में होना चाहिए

ऐसे में सबसे जरुरी है घर के दरवाजे का वास्तु ठीक होना चाहिए । मुख्य द्वार घर का सबसे महत्वपूर्ण द्वार होता है और उसी से घर में खुशहाली प्रवेश करती है । इसलिए अगर आपने घर के दरवाजों के वास्तु का ख्याल रख दिया तो घर में खुशहाली आने से कोई नहीं रोक सकता । आईये जानते है घर के दरवाजे का वास्तु कैसा होना चाहिए?

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वास्तु के अनुसार घर का मुख्य द्वार

वास्तु के अनुसार घर का मुख्य द्वार

  • घर के मुख्य द्वार पर हमेशा गणेश जी रखें । फूलों का गुलदस्ता रखें । सुंदर परदे लगायें जो की ध्यान रहें काले-नीले ना हो ।
  • दरवाजे पर लाल सिंदूर से बाहर त्रिशूल, स्वस्तिक, ॐ आदि बनाये, क्योंकि इससे घर में सुख-समृद्दी आती है ।
  • मुख्य द्वार पर शुक्रवार को पीले गेंदे की माला टांग दे, ऐसा वास्तु के हिसाब से शुभ माना जाता है ।
  • घर के मुख्य दरवाजे के सामने पेड़, दीवार या खम्बा नहीं होना चाहिए क्योंकि ऐसा अशुभ माना जाता है ।
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वास्तु शास्त्र के अनुसार घर का मुख्य द्वार

  • कभी भी एक सीध में तीन दरवाजे नहीं होने चाहिए ।
  • घर में सिर्फ दो ही प्रवेश द्वार होने चाहिए जिसमे एक बड़ा और एक छोटा ।
  • प्रवेश द्वार को मकान के एक कोने में ना बनायें ।
  • मुख्य द्वार के सामने सीढ़ी या किसी भी तरह का कुआं या गड्डा या कचरा नहीं होना चाहिए । इससे घर में नकारात्मक एनर्जी आती है
  • दरवाजे के सामने कभी भी उपर जाने के लिए सीढियां नहीं होनी चाहिए ।
  • दरवाजा हमेशा दो पल्ले का होना चाहिए ।
  • दरवाजे कभी भी ध्यान रखें की टूटे-फूटे नहीं होनी चाहिए अन्यथा प्रगति रुक सकती है ।
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