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दुकान में चाहिए बरकत तो अपनाइए ये वास्तु टिप्स (vastu for shop in hindi)

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5 ये भी पढ़े दुकान में चाहिए बरकत तो अपनाइए ये वास्तु टिप्स
5.5 ये भी पढ़े

दुकान का वास्तु

घर चलाने के लिए पैसो की जरुरत होती है और इस जरुरत को पूरा करने के लिए लोग दुकान चलाते है। दुकान खरीदने, बनाने के लिए लाखो रूपये लग जाते हैं। हर क्षेत्र में कई दुकाने होती है, चाहे वो छोटी सी गली हो या फिर बड़ा सा बाज़ार। हर दुकानदार दुकान में प्रवेश करने के बाद दुकान की सफाई करता है, फिर भगवन के आगे दीया और अगरबत्ती लगाता है और फिर अपने काम में लग जाता है। वास्तु के हिसाब से अगर दुकानदार अपने रोज के कामो में और कुछ दुकान में परिवर्तन लाए और रोज उसका पालन करे तो वो अपनी आय को धीरे धीरे बढता हुआ पाएगा। दुकान मे समृद्धि के लिए दुकान का वास्तु शास्त्र एक दम सही होना चाहिए।

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दुकान की दिशा

वास्तु के अनुसार जिन दुकानों का मुंह पूर्व की ओर होता है वो सबसे ज्यादा लाभदायक होती है। ऐसी दुकानों की आय काफी अच्छी होती है और उनके धनधान्य की वृद्धि होती है। जो दुकाने दक्षिण दिशा में होती है वो वास्तु के लिहाज से अच्छी नही मानी, पर अगर इस तरह की दुकान के मालिक का भाग्य बहुत उज्जवल है तो इस दुकान में भी काफी लाभ कमा सकता है। [vc_custom_heading text=”Vastu for shops cash counter” font_container=”tag:h2|text_align:center|color:%23dd3360″][vc_column_text]

काउंटर की दिशा

वास्तु के अनुसार दुकानदार का या उस दुकान में काम कर रहे सेल्समेन जब भी ऑफिस में काम करे उनका मुंह उत्तर या पूर्व दिशा में होना चाहिए। दुकानदार का मुंह काउंटर में बैठते समय पश्चिम या दक्षिण की तरफ होता है तो ये शुभ नही होता, ये उनके लिए काफी परेशानियाँ लेके आता है। अगर आपकी दुकान किसी बड़े बाज़ार में है और आपके सामने भी कई दुकाने हैं तो दिशा दक्षिण होने पर भी वास्तु के हिसाब से आपके लिए शुभ होंगी।

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दुकान का आकार

जिन दुकानों का आकार आगे से बड़ा और पीछे से छोटा होता है वो वास्तु के हिसाब से अच्छी मानी जाती है। ठीक इसके विपरीत अगर आगे से छोटी और पीछे बड़ी होती है तो इसे अच्छा नही माना जाता।

अगर दुकान सभी दिशाओ में बराबर चौड़ी है, या आयातकर है या वर्गाकार है तो इन दुकान का आकर शुभ माना जाता है। ऐसी दुकानों में कमाई में बरकत होती है। [vc_column_text]

दुकान के लिए वास्तु टिप्स

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दुकान में ग्राहक बढाने के उपाय 

  • ऐसा माना जाता है अगर आप चाहते है दुकान में बरकत हो और वो अच्छी चले तो दुकान में साफ़ सफाई रखे और उसका फर्श साफ़ रखे।
  • जहाँ पर आपका काउंटर हो उसके उत्तर पूर्व दिशा में माता लक्ष्मी और श्री गणेश जी की प्रतिमाएं होनी चाहिए।
  • आपकी दुकान की दीवार पर शुभ लाभ और स्वस्तिक के चिन्ह जरुर होने चाहिए।
  • दुकान का कैश काउंटर उत्तर दिशा की तरफ रखिये और कभी इसे खाली न रहने दे।
  • दुकान में रोज अपने इष्ट देव या जिन भी देवी देवता को आप पूजते और मानते हैं उनका ध्यान सुबह शाम जरुर करे।

दुकान पर ग्राहक बढ़ाने के उपाय Vastu shastra tips in hindi for shop

  • रोज दुकान में स्थापित देवताओ के आगे अगरबत्ती या दिया जरुर जगाए।
  • अगर आपकी दुकान के आगे कोई खम्बा या पेड़ है तो ये वास्तु की नजर में शुभ नही है।
  • ऐसा माना जाता है अगर आप चाहते है दुकान में बरकत हो और वो अच्छी चले तो दुकान में साफ़ सफाई रखे और उसका फर्श साफ़ रखे।
  • जहाँ पर आपका काउंटर हो उसके उत्तर पूर्व दिशा में माता लक्ष्मी और श्री गणेश जी की प्रतिमाएं होनी चाहिए। आपकी दुकान की दीवार पर शुभ लाभ और स्वस्तिक के चिन्ह जरुर होने चाहिए।
  • दुकान का कैश काउंटर उत्तर दिशा की तरफ रखिये और कभी इसे खाली न रहने दे।
  • दुकान में रोज अपने इष्ट देव या जिन भी देवी देवता को आप पूजते और मानते हैं उनका ध्यान सुबह शाम जरुर करे।
  • रोज दुकान में स्थापित देवताओ के आगे अगरबत्ती या दिया जरुर जगाए।
  • अगर आपकी दुकान के आगे कोई खम्बा या पेड़ है तो ये वास्तु की नजर में शुभ नही है।

वास्तु के अनुसार दुकान के लिए रंग

  • अगर आपकी दुकान North East (ईशान कोण) दिशा में है तो हल्का नीला हल्का ग्रे, भूरा और हरा रंग आप इस्तेमाल करे । आप चाहे तो जो की एक सामान्य रंग है वो भी इस्तेमाल कर सकते हैं ।
  • अगर आपकी दुकान south east दिशा मे है तो आप लाल पिंक ऑरेंज,वायलेट कलर के शेड्स इस्तेमाल कर सकते हैं ।
  • अगर आपकी दुकान नार्थ वेस्ट दिशा मे है : सिल्वर, वाइट और मेटालिक कोर्स के लाइट शेड्स इस्तेमाल कर सकते हैं ।

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Vastu for shop facing south

सब कहते है दक्षिण मुखी दुकाने कभी अच्छा व्यापार नहीं करती। वास्तु शास्त्र बहुत सारे तरीके बताता है इस चीज़ को सही करने के लिए। इसके लिए आप व्यापार बढाने के तरीके जान ले ।

दुकान के टोटके

इसी तस्वीर को अगर देखे तो इसमें दुकान दक्षिण दिशा मे है। ऐसी दुकान मे दुकान का मुख्य द्वार उस केंद्र बिंदु पर होना चाहिए जो 2 तीर बता रहे है। दक्षिण दिशा मे भी दुकान का मुख्य द्वार हो सकता है। पर यह तब ही होना चाहिए जब दक्षिण मुखी दुकान 180 डिग्री पे है। ऐसी दुकानों मे ईशान कोण (नॉर्थ ईस्ट) दिशा मे पीने का पानी रखने से वह काम करने वालो के लिए अच्छे परिणाम लाते है।

कपड़ा की दुकान के लिए वास्तु टिप्स

अगर आपकी दुकान दक्षिण मुखी है तो आपकी दुकान मेसाउथ ईस्ट कार्नर मे एक छोटा सा हिस्सा सामान के लिए होना चाहिए ।

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उत्तर मुखी दुकान के लिए वास्तु

यह दिशा पैसे को दर्शाती है। अगर आपकी दुकान मे भण्डार नहीं है तो दुकानदार को उत्तर पूर्व दिशा मे नहीं बैठना चाहिए। जब आपकी दुकान मे भारी स्टॉक्स हो तब ही दुकान के मालिक को इस दिशा मे बैठना चाहिए। अगर आपकी दुकान मे सीढ़ियां है तो वो सीढ़ियां कभी भी उत्तर पूर्व दिशा मे नहीं होनी चाहिए।उत्तर पश्चिम दिशा सबसे अच्छी है सीढ़ियों के लिए।

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ये भी पढ़े

कारोबार में नजर लग जाने पर शनिवार के दिन लोहे की 4 किलो को अभिमंत्रित कर अपने कारोबार स्थल के चारों कोनों में गाड़ दें।

सुबह शाम भगवान के नाम का दिया जलाये। और उसमें दो लौग  भगवान का नाम लेकर डाल दे। अशोक या आम के पत्तों का बंदनवार बना कर व्यवसाय स्थल पर लगाए। मिर्च और काली सरसों से सात बार नजर उतार कर आग में जला दे।

" ऊं हीं श्रीं कमले प्रसीद प्रसीद ऊं हीं श्रीं महालक्ष्मी नमो नमः",  "ऊं नमो भगवती वासुदेवाय"

ये भी पढ़े   दुकान के लिए वास्तु टिप्स - vastu tips in hindi for shop

"ऊं ऐं हीं नमः भगवते वित्तेश्वराय नमः"

इनमे से किसी भी मंत्र का 108 बार जाप कर लें।

बृहस्पतिवार दिन भगवान विष्णु के विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ करना चाहिए। भगवान विष्णु को तुलसी जल, पीली दाल अर्पण करना चाहिए। रोज सुबह सूर्य भगवान को रोली, चावल, गुड़ मिश्रित जल चढ़ाना चाहिए।

दुकान अच्छी चलने के लिए रोज सुबह अपने हाथों से झाडू लगाकर दुकान खोले। दुकान में एक तांबे या पीतल के लोटे में जल भरकर पांच आम के पत्तों पर जटा वाला नारियल स्थापित करें।

दुकान खोलते समय भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी का नाम लेना चाहिए।

बृहस्पतिवार दिन भगवान विष्णु के विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ करना चाहिए। भगवान विष्णु को तुलसी जल, पीली दाल अर्पण करना चाहिए। रोज सुबह सूर्य भगवान को रोली, चावल, गुड़ मिश्रित जल चढ़ाना चाहिए।

दुर्गा कवच का पाठ रोज करे। कलश में गंगाजल रखें। अगले दिन इस जल को दुकान में छिड़काव करें। हर अष्टमी, नवमी दुर्गा सप्तशती का पाठ व हवन करें।

सब सही होने के बाद भी दुकान अगर ना चले तो, उसका अर्थ हैकिसी ने हमारी दुकान पर नजर लगा दी है। या फिर हमारे ग्रह गोचर सही नही हैं।

दुकान अच्छी चलने के लिए रोज सुबह अपने हाथों से झाडू लगाकर दुकान खोले। दुकान में एक तांबे या पीतल के लोटे में जल भरकर  पांच आम के पत्तों पर जटा वाला नारियल स्थापित करें।

बृहस्पतिवार दिन भगवान विष्णु के विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ करना चाहिए। भगवान विष्णु को तुलसी जल, पीली दाल अर्पण करना चाहिए। रोज सुबह सूर्य भगवान को रोली, चावल, गुड़ मिश्रित जल चढ़ाना चाहिए।

दुकान अच्छी चलने के लिए रोज सुबह अपने हाथों से झाडू लगाकर दुकान खोले। दुकान में एक तांबे या पीतल के लोटे में जल भरकर  पांच आम के पत्तों पर जटा वाला नारियल स्थापित करें।

" ऊं हीं श्रीं कमले प्रसीद प्रसीद ऊं हीं श्रीं महालक्ष्मी नमो नमः",  "ऊं नमो भगवती वासुदेवाय"

"ऊं ऐं हीं नमः भगवते वित्तेश्वराय नमः"

इनमे से किसी भी मंत्र का 108 बार जाप कर लें।

दुकान अच्छी चलने के लिए रोज सुबह अपने हाथों से झाडू लगाकर दुकान खोले। दुकान में एक तांबे या पीतल के लोटे में जल भरकर  पांच आम के पत्तों पर जटा वाला नारियल स्थापित करें।

" ऊं हीं श्रीं कमले प्रसीद प्रसीद ऊं हीं श्रीं महालक्ष्मी नमो नमः",  "ऊं नमो भगवती वासुदेवाय"

"ऊं ऐं हीं नमः भगवते वित्तेश्वराय नमः"

इनमे से किसी भी मंत्र का 108 बार जाप कर लें।

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