क्या आपके घर में भी तो नहीं है ये वास्तु दोष के लक्ष्ण ?



वास्तु दोष क्या होता है?

वास्तु दोष अर्थात वो कारण जिसके वजह से आपके बनते काम बिगड़ जाते हैं और आपके घर में कभी भी सुख, शांति और समृधि नही टिक पाती है। वास्तु शास्त्र में कहा गया है कि इस दुनियाँ में दो तरह की ऊर्जा होती है एक होती है सकारात्मक और एक होती है नकारात्मक । सकारात्मक यानि वो ऊर्जा जिसकी वजह से घर में खुशहाली आती है और नकारात्मक ऊर्जा यानि वो ऊर्जा जिसकी वजह से घर से दुःख कभी जाते ही नही है। पर क्या आप जानते है कि ऐसे कुछ लक्षण होते है जिसको वास्तु दोष के लक्ष्ण कहते हैं जिन्हें समय पर पहचानकर आप अपने घर से नकारात्मकता दूर कर सकते है ।



वास्तु दोष के लक्ष्ण

वास्तु दोष




वास्तु दोष

  • अगर आपको बच्चे नही हो रहे है तो ये वास्तु दोष हो सकता है इसका कारण आपके घर के बीच के हिस्से का सही न होना और उस जगह का उठा होना हो सकता है घर में कीकर का वृक्ष भी इसका कारण हो सकता है ।
  • अगर आपके घर की माली हालत सुधर नही रही है और इसके अलावा भी घर में कई परेशानियाँ बनी हुई है तो इसका कारण वास्तु दोष है।इसकी मुख्य वजह घर के दरवाजे का नैऋत्य कोण में होना होता है । घर का दरवाजा पश्चिम और दक्षिण दिशा में नही होना चाहिए वास्तु के अनुसार ये स्थान राहू ,केतु का होता है ।
  • अगर आपको लग रहा है भगवान् आपकी नही सुन रहे आपकी तबियत ठीक नही रहती और घर में हमेशा पैसो की किल्लत रहती है तो इसका अर्थ है आपके घर में वास्तु दोष है । इसका कारण ईशान कोण का सही न होना हो सकता है । ईशान कोण यानि वो दिशा जहाँ उत्तर और पूर्व दिशा मिलती है ।
  • अगर तमाम कोशिशो के बावजूद आप कर्ज से मुक्त नही हो पा रहे है तो ये वास्तु दोष हो सकता है । इसका कारण वायव्य कोण में दोष होना हो सकता है। पश्चिम और उत्तर दिशा के मिलने वाले स्थान को वायव्य कोण कहते है इस दोष की वजह से मित्रो पड़ोसियों और रिश्तेदारों से भी सम्बन्ध ख़राब रहते है ।
  • यदि घर बेचना चाहते है पर नही बेच पा रहे है और आपके घर में बीमारियों ने डेरा दाल दिया है तो इसकी वजह वास्तु दोष हो सकता है । इसका कारण है नैऋत्य कोण में दोष होना हो सकता है । दक्षिण और पश्चिम के मिलने वाले स्थान को नैऋत्य कोण कहते है । इस जगह पर अगर कोई गड्ढा है या उस जगह का भाग नीचा है तो ये वास्तु दोष है ।
  • अगर घर में हमेशा झगडे होते रहते है और घर की आर्थिक स्थिति ठीक नही रहती है तो इसका अर्थ है आपके घर में वास्तु दोष है वास्तु शास्त्र में ऐसा कहा गया है कि अगर दक्षिण और पश्चिम दिशा नीची और उत्तर और पूर्व की दिशा ऊँची हो तो घरवालो के बीच झगडा होता है और इसके चलते घर की माली हालत भी ख़राब होती जाती है ।
  • अगर आपके घर में बार बार दुर्घटनाएँ होती रहती है और आपके दुश्मनों की संख्या बढती जा रही है तो ये वास्तु दोष का एक लक्षण है । इसका कारण है आपके घर का उत्तर-पश्चिम हिस्सा ऊँचा होना ।

इस पोस्ट को पढ़कर आप वास्तु दोष के लक्ष्ण पहचान गयी होंगे, उम्मीद है आप इन दोषों के कारण आप दूर कर पाएंगे।




वास्तु दोष निवारण (Vastu Dosh Nivaran)

वास्तु दोष से कई मुसीबतें को सामना करना पढता है। इस से अच्छा वास्तु दोष का निवारण करना। वास्तु दोष निवारण करने से आप मुश्किलों से बच सकते है। आइए जानते है वास्तु दोष निवारण के उपाय।

वास्तु दोष को हटाने के लिए रामचरितमानस का पाठ करवाएं

घर में 9 दिन रामचरितमानस का पाठ करवाएं। वास्तु दोष दूर करने में यह सहायता करता है। इसके साथ 9 दिन का कीर्तन भी करवा सकते है। यह वास्तु दोष निवारण का सबसे सरल उपाय है।

हाटकेश्वर महादेव मंदिर जायें

हाटकेश्वर महादेव मंदिर के दर्शन करने से वास्तु दोष दूर होते है। वास्तुपद नमक तीर्थ इस क्षेत्र में है। इस तीर्थ के दर्शन से वास्तु दोष दूर होते है। इस मंदिर में पुरुष पैंट शर्ट और कुरता पयजामा पहन कर रुद्राभिषेक नहीं कर सकते है।

स्वस्तिक सही तरीके से लगाएं

शास्त्रों में स्वस्तिक का महत्व बहुत है। वास्तु के अनुसार स्वस्तिक नौ उंगल लम्बा और नौ उंगल छोड़ा होना चाहिए। ऐसा स्वस्तिक घर के मुख्या द्वार पर बना हुआ होना चाहिए। स्वस्तिक सिन्दूर से ही बनाएं। यह नकारात्मक ऊर्जा को ख़तम करता है। ऐसा करने से वास्तु दोष हटता है।




रसोईघर में बल्ब लगाएं

वास्तु के अनुसार रसोई घर सुख और समृद्धि के लिए खास है। अगर रसोईघर गलत जगह है तो अग्नि कोण में बल्ब लगाना चाहिए। इस बल्ब को रोज़ सुबह शाम जलाएं। ऐसा करने से रसोई का वास्तु दोष दूर होता है।

घोड़े की नाल लगाएं

घोड़े की नाल को टांगना शुभ होता है। इससे घर में टांगना चाहिए। घर के मुख्या द्वार पर इसको टांगना चाहिए। ऐसा करने से घर की सुरक्षा बढ़ती है। सकारात्मक ऊर्जा भी बढ़ती है। ध्यान रखें की घोड़े की नाल अपने आप गिरनी चाहिए। यह u शेप की होती है।

कलश को इस तरह रखें

वास्तु दोष निवारण करने के लिए घर के उत्तर पूर्व कोने में कलश रखें। कलश रखने के लिए ये कोना सबसे अच्छा है। कलश खंडित नहीं हो इस बात का ध्यान रखें।

पर्वत का चित्र लगाएं

पर्वत का चित्र हमेशा अपने बैठने की जगह के पीछे लगाना चाहिए। वास्तु के अनुसार यह आपके पीछे के भाग के सहारे को बल देता है। जिन लोगों में आत्मविश्वास की कमी होती है उनके लिए यह फायदेमंद होता है। यह उपाय सबसे ज्यादा उनके काम आता है।

सोते समय दिशा का ध्यान रखें

गलत दिशा में सोने से वास्तु दोष होता है। पश्चिम की ओर सर करके सोने से बुरे सपने आते है। इसी कारण से पेट की समस्याएँ भी होती है। इसिलए दक्षिण दिशा में सोना चाहिए। यह आपके स्वाभाव में सुधर लाता है।

कचरा रखने की सही दिशा का ध्यान रखें

घर के उत्तर -पूर्व दिशा में कचरा नहीं रखें। इस दिशा में कोई भी भारी मशीन भी मत रखिये। ऐसा करने से वास्तु दोष उत्पन्न होता है। घर के मुख्या द्वार के दोनों तरफ अशोक का वृक्ष लगाएं। ऐसा करने से वंश की उन्नति होती है। इसके साथ साथ ऐसा करने से वास्तु दोष भी दूर होता है। घर से नकारात्मक ऊर्जा भी दूर रहती है।

टॉयलेट की दिशा का रखें ध्यान

वास्तु दोष से बचने के लिए टॉयलेट पूर्व दिशा में लगवाएं। टॉयलेट सीट इस तरह होनी चाहिए ताकि बैठते वक़्त आपका मुख उतर या दक्षिण की ओर हो। ऐसा करने से घर में सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है। आपके काम भी बनने लगते है। आपको सफलता प्राप्त होती है।

वास्तु शास्त्र के टोटके

वास्तु दोष दूर करने के लिए कई उपाय होते है। इनमे वास्तु शास्त्र के टोटके भी शामिल है। इन वास्तु शास्त्र के टोटकों की मदद से आप वास्तु दोष दूर कर सकते है। आइए जानते है इन वास्तु शास्त्र टिप्स के बारे में :

  • वास्तु के अनुसार हर घर में भगवन की पूजा जरूर होनी चाहिए। पूजा करने वाले का मुख उतर या पूर्व दिशा में होना चाहिए।
  • पूजा घर में दीपक घी से ही जलना चाहिए।
  • घर के कमरों में रोज़ प्रकाश करना चाहिए। कुछ समय के लिए ही पर करना चाहिए।
  • सुबह शाम गाय के गोबर का एक कण्डा जलाना चाहिए। इसके ऊपर एक चुटकी चावल में घी मिलकर डालना चाहिए। यह आपके उन्नति के रस्ते खोल देगा। ऐसा करने से वास्तु दोष का नाश भी होता है।
  • तुलसी , सीता अशोक, हरश्रृंगार , आंवला , और अमलतास के दो पौधे हर घर में होने चाहिए। यह पौधे समृद्धि बढ़ाने में मदद करते है। ध्यान रखें घर में कैक्टस का पौधा ना लगाएं।
  • भोजन में बनाने वाली हर चीज़ का थोड़ा हिस्सा एक प्लेट में निकलना चाहिए। यह भोजन वास्तुदेव को समर्पित करना चाहिए। भोजन बनाने वाली महिला को यह कार्य करना चाहिए। ऐसा करने के बाद ही बाकि जनों को भोजन खाना चाहिए। ऐसा करने से वास्तुदेव प्रसन्न होते है। यह निकला हुआ भोजन आखिर में गाय को खिला दीजिये।

वास्तु दोष और उपाय

नीचे दिए हुए वास्तु दोष के उपाय को अपनाने से आप वास्तु दोष दूर कर सकते है :




  • टूटी फूटी मशीनों को घर में नहीं रखना चाहिए। इनको तुरंत ही घर के बाहर निकाल देना चाहिए। इनके घर में रहने से घरवालों को शारीरिक और मानसिक समस्याएं रहती है।
  • घर में एक पाय का पाटा नहीं रखना चाहिए। ऐसा करने से घर में धन की कमी होती है। मानसिक तनाव भी बढ़ता है।
  • झाड़ू को खड़ा करके नहीं रखना चाहिए। ऐसा करने से बरकत नहीं होती है। जगह ऐसी होनी चाहिए जहाँ झाड़ू पर पैर नहीं लगे। साथ ही साथ उस पर से लंगना भी नहीं चाहिए।
  • पूजा घर में तीन गणेश की पूजा नहीं करनी चाहिए। यह कार्य घर में अशांति फैलाता है। तीन माताओं और दो शंक की पूजा भी नहीं करनी चाहिए।
  • पालतू जानवर को घर के उत्तर -पूर्वीध्यान क्षेत्र में नहीं बांधना चाहिए। कुत्ते, मुर्गे और भैंस के सम्बन्ध में ज्यादा ध्यान देना चाहिए। ध्यान ना देने पर परेशानियां हो सकती है।
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