bilav tree

बिल्व वृक्ष से जुड़े वास्तु टिप्स

आपने बिल्व वृक्ष देखा होगा और यह भगवान शिव को बहुत प्रिय है। इसके आलावा बिल्व पेड़ के जड़ का भी बहुत महत्व है। बिल्व पेड़ की जड़ को पूजन के साथ-साथ कई तरह के रोगों में भी यूज़ किया जाता है। शिवपुराण में इसे भगवान शिव का प्रिय बताया गया है और इसके बारे में विस्तार से उल्लेख है। आईये जानते है बिल्व वृक्ष से जुड़े वास्तु टिप्स के बारे में।

बिल्व वृक्ष से जुड़े वास्तु टिप्स






  • बिल्व वृक्ष को ग्रंथो और पुराणों में श्री वृक्ष भी कहा गया है। श्री का मतलब माँ लक्ष्मी से है और इसमें माँ लक्ष्मी का वास माना जाता है, इसलिए जो भी व्यक्ति बिल्व वृक्ष की पूजा करता है उस पर भगवान शिव के साथ-साथ माँ लक्ष्मी की कृपा भी बनी रहती है।
  • अगर कोई व्यक्ति बिल्व वृक्ष के पास खड़ा होकर घी, अन्न, खीर या मिठाई का दान करता है तो वह कभी भी जिंदगी में गरीबी से परेशान नहीं होता है।
  • बिल्व वृक्ष के आसपास कभी भी सांप नहीं आते क्योंकि यह भगवान वृक्ष भगवान शिव को बहुत प्रिय है और सांप भगवान शिव का वाहन है।
  • अगर किसी व्यक्ति के मरने के बाद उसकी शवयात्रा बिल्व वृक्ष की छाया से होकर गुजरती है तो उसको मोक्ष प्राप्त हो जाता है।
  • बिल्व वृक्ष के जड़ो की पूजा करने से भगवान शिव की कृपा रहती है और पापों से मुक्ति मिलती है।
  • बिल्व वृक्ष की जड़ को किसी शुभ नक्षत्र में लाल कपडे में बांधकर उसका पूजन करके उसे तिजोरी में रखें, इससे घर में कभी भी धन की कमी नहीं होगी।
  • बिल्व वृक्ष को लगाने से वंश की वृद्दि होती है और अगर इसको काटा जाता है तो वंश वृद्दि रुक जाती है। जो भी वृक्ष पूजनीय होते है उन्हें काटने से हम पाप के भागिदार बनते है।
    सन्तान सुख पाने के लिए फुल, धतुरा, गंध और बिल्व पत्र को बिल्व वृक्ष की जड़ो में अर्पित करना चाहिए। इससे संतान सुख की प्राप्ति होती है।
  • रोजाना बिल्व वृक्ष को साफ़ पानी से सींचे इससे पितर तृप्त होते है और उनका आशीर्वाद भी आपको मिलता है।
  • बिल्व वृक्ष और सफ़ेद आक को जोड़े से पास में लगाने से भगवान शिव के साथ-साथ माँ लक्ष्मी की कृपा भी रहती है।
  • ऐसा माना जाता है की अगर आपने जीवन में एक बार भले ही भूल से भी बेलपत्र को शिवलिंग पर चढ़ा दिया तो आपके सारे पाप मुक्त हो जाते है।
  • बिल्व वृक्ष को लगाने के साथ-साथ इसका पोषण और सिंचन बहुत जरुरी है। इसकी सही से देखभाल करने से भगवान शिव की असीम कृपा आप पर रहती है।
ये भी पढ़े   वास्तु के अनुसार पिरामीड के उपयोग और फायदे
Previous Post
pyramid
वास्तु

वास्तु के अनुसार पिरामीड के उपयोग और फायदे

Next Post
vastu_Bedroom_Colors
वास्तु

वास्तु के हिसाब बेडरूम के लिए कलर कॉम्बिनेशन कैसा होना चाहिए ?

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *