शनि ग्रह शांति के उपाय

कुंडली में शनि ग्रह को मजबूत करने के लिए करें ये उपाय, खुल जाएगी किस्मत

शनि ग्रह को ग्रहों का न्यायाधीश कहा जाता है। शनि ग्रह आपके पूर्व जन्म के कर्मों के अनुसार आपका भाग्य बनाते हैं। अगर आपने कोई पाप कर्म किए हैं, किसी को सताया है तो शनि आप से रुष्ट हो सकते हैं। जिसके परिणाम स्वरूप आपको काम में सफलता नहीं मिलती। आप अपने भाग्य को हमेशा सौ कदम पीछे ही पाते हैं। शनि एक ऐसा ग्रह है जो आपके द्वारा पूर्व जन्म में किए गए गलत कार्यों की आपको अभी सजा दे सकते हैं। आपकी यह सजा आपके द्वारा किए गए अच्छे कार्य द्वारा ही कम हो सकती है। शनि ग्रह को न्याय प्रियता, साफ सफाई एवं बड़ों का सम्मान और छोटों को प्यार करना पसंद है। अगर आप शनि ग्रह को खुश करना चाहते हैं तो आपको जानना होगा शनि ग्रह किस व्यक्ति की कुंडली में कमजोर है, उसे मजबूत कैसे किया जा सकता है। यहां पर हम कमजोर शनि ग्रह के लक्षण और उससे कैसे मजबूत करना है उसके उपाय आप सभी को बता रहे हैं।

शनि कमजोर होने के लक्षण , kamjor shani ke lakshan

एक व्यक्ति शनि ग्रह से पीड़ित है यह हम उस व्यक्ति के हाव भाव उसके बोलने, उसके उठने बैठने से पता लगा सकते हैं। शनि ग्रह की उस पर विशेष कृपा भी शारीरिक लक्षणों से पता चल जाती है। जिस व्यक्ति का शनि कमजोर होता है उस व्यक्ति के घर में परेशानी आने लगती हैं। बिजली का सामान खराब होने लगता है घर की दीवारों में सीलन और टूट-फूट होने लगती है। उस व्यक्ति को आग से हानि हो सकती है। शारीरिक लक्षणों में उस व्यक्ति के बाल कमजोर होकर झड़ने लगते हैं। उस व्यक्ति के नाखून अपने आप ही टूटने लगते हैं। समय से पूर्व ही उस व्यक्ति की आंखें व दांत कमजोर होने लगते हैं‌। वह व्यक्ति जमीन पर पैर घसीट कर चलता है। ऐसे व्यक्तियों के पराई स्त्री से अनैतिक संबंध हो जाते हैं। जिसके कारण उन्हें समाज में अपयश का सामना करना पड़ता है‌। यदि व्यक्ति का मंगल व शनि दोनों कमजोर है तो व्यक्ति के दुर्घटनाग्रस्त होने की संभावना अधिक होती है। उसे जेल व‌ सजा का कष्ट सहन करना पड़ता है।

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कमजोर शनि ग्रह है दुर्घटना का कारण

अगर व्यक्ति का शनि ग्रह कमजोर है तो वह व्यक्ति दुर्घटना का शिकार हो सकता है। छोटी-छोटी दुर्घटनाएं उसके साथ लगातार बनी रहती है। जिन व्यक्ति का शनि कमजोर होता है उन व्यक्तियों में आत्मविश्वास की कमी होती है वह स्वयं पर भरोसा नहीं कर पाते हैं। वे दूसरों पर दोषारोपण करते रहते हैं। उन्हें किसी भी काम को धैर्य पूर्वक करने की आदत नहीं होती। वह अपने काम को हड़बड़ी में व जल्दबाजी में करते हैं। ऐसे व्यक्ति हड़बड़ाहट में दुर्घटनाओं का शिकार हो जाते हैं। ऐसे व्यक्तियों की स्वयं की लापरवाही से अधिकांश दुर्घटनाएं होती है। जिसमें उनको काफी नुकसान उठाना पड़ता है।

कमजोर शनि करवाता है कोर्ट कचहरी

अगर किसी व्यक्ति का शनि ग्रह कमजोर है तो उसके कोई भी काम पूरे नहीं होते‌। उसको अपने घर में और समाज में प्रतिरोधों का सामना करना पड़ता है। उसके अपने उसके साथ कलह, क्लेश, धोखाधड़ी, बेइमानी करते हैं। उसके रिश्ते उसके अपनों से खराब होने लगते हैं। कमजोर शनि के कारण भाई बहनों के आपस के रिश्ते कमजोर होने लगते हैं। संपत्ति विवाद होने लगता है। पुश्तैनी घर व जायदाद बिकने लगती है। अगर शनि कमजोर है तो व्यर्थ के लड़ाई झगड़ा में व्यक्ति पड़ जाता है। जिसका परिणाम कोर्ट कचहरी के रूप में होता है पति पत्नी के आपसी संबंध तनावपूर्ण रहते हैं। रिश्ते इतने खराब हो जाते हैं कि बात कोर्ट कचहरी व तलाक तक पहुंच सकती है।

कैसे जाने आपका शनि उच्च स्थिति में है

अगर आपकी कुंडली में शनि उच्च स्थिति में है तो आपको समाज में मान सम्मान मिलता है। आपकी समाज में निर्णयात्मक उपस्थिति रहती है ऐसे व्यक्ति समाज में न्याय प्रिय होते हैं, परिश्रमी होते हैं।वे क्रिया वान होते हैं ब संतुष्ट जीवन व्यतीत करते हैं। ऐसे व्यक्ति हमेशा स्वस्थ व ऊर्जावान रहते हैं उनकी आयु काफी अधिक होती है। ऐसे व्यक्ति सकारात्मक होते हैं व प्रभु की आराधना में लीन होते हैं। अगर व्यक्ति की कुंडली में शनि उच्च का है तो व्यक्ति धैर्यवान व संयमी होते हैं। व्यक्ति का शनि मजबूत होने से उसे लोहे, मशीनरी, व फैक्ट्री आदि में अत्याधिक सफलता मिलती है। व्यक्ति को व्यापार में सफलता प्राप्त होती है‌। वह जिस कार्य में हाथ डालता है उसमें उसे सफलता प्राप्त होती है।

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कमजोर शनि को मजबूत करने के उपाय

अश्वनी अगर आपका शनि कमजोर है तो आपको शनिवार के दिन शनिवार का व्रत रखना चाहिए। शनि चालीसा अवश्य पढ़नी चाहिए। पीपल पर कच्चे दूध में शहद मिलाकर सुबह ग्यारह बजे से पहले विष्णु भगवान व मां लक्ष्मी का नाम लेते हुए अर्पण करें। शाम को पीपल के नीचे तेल का दिया जलाना चाहिए। शनिवार के दिन काले रंग के वस्त्र धारण करने चाहिए। जिन व्यक्तियों का शनि कमजोर होता है उन्हें नीलम धारण करना चाहिए। यह किसी योग्य ज्योतिष की देखरेख में ग्रहण करना चाहिए। ऐसे व्यक्ति को साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखना चाहिए। बासी भोजन नहीं करना चाहिए। भूख से ज्यादा व देर रात में भोजन नहीं खाना चाहिए। ‌शनिवार के दिन उड़द, काले तिल, काले कंबल, सरसों का तेल का दान करना चाहिए।

भगवान शिव व हनुमान जी की पूजा करने से शनि प्रसन्न होते हैं

शनि देव भगवान शिव के भक्त हैं। उन्होंने भगवान शिव की आराधना की थी जिससे प्रसन्न होकर भगवान शिव ने उन्हें उनके पिता सूर्य से भी बलशाली होने का वर प्रदान किया था। जो व्यक्ति शनिवार के दिन भगवान शिव के महामृत्युंजय मंत्र का जाप करता है। भगवान शिव के शिवलिंग पर जलाभिषेक करता है। उससे शनि देव अत्यंत प्रसन्न रहते हैं। हनुमान जी के हनुमान अष्टक, बजरंग बाण का पाठ करने से शनिदेव प्रसन्न होते हैं। भगवान राम के राम रक्षा स्त्रोत के पाठ से भी शनि देव की कृपा हम पर पड़ती है। शनि देव हमें हमारे पूर्व जन्म के संचित पुण्य एवं पाप कर्म का फल इस जन्म में देते हैं अतः हमें अच्छे काम करने चाहिए। प्रभू की भक्ति में स्वयं को लीन करना चाहिए । अपने से छोटे व्यक्तियों का अपमान एवं तिरस्कार नहीं करना चाहिए।

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