फिटकरी से बवासीर का इलाज कैसे करें

कैसे करे फिटकरी से बावासीर का इलाज

फिटकरी यह लाल व सफ़ेद दो प्रकार की होती है। बावासीर मे सफ़ेद फिटकरी का प्रयोग ज्यादा किया जाता है। यह संकोचक अर्थात सिकुड़न पैदा करने वाली होती है | फिटकरी में और भी बहुत गुण होते हैं | फिटकरी एक प्रकार का खनिज है जो प्राकृतिक रूप में पत्थर की शक्ल में मिलता है। इस पत्थर को एल्युनाइट कहते हैं। इससे परिष्कृत फिटकरी तैयार की जाती है। नमक की तरह है, पर यह सेंधा नमक की तरह चट्टानों से मिलती है। यह एक रंगहीन क्रिस्टलीय पदार्थ है। इसका रासायनिक नाम है पोटेशियम एल्युमिनियम सल्फेट। संसार को इसका ज्ञान तकरीबन पाँच सौ से ज्यादा वर्षों से है। इसे एलम भी कहते हैं। पोटाश एलम का इस्तेमाल रक्त में थक्का बनाने के लिए किया जाता है। इसीलिए दाढ़ी बनाने के बाद इसे चेहरे पर रगड़ते हैं ताकि छिले-कटे भाग ठीक हो जाएं। इसमें बहुत सारे औषधीय गुण हैं

आइए जानते हैं कि बावासीर मे फिटकरी कैसे काम करता है

  1. एक गिलास पानी में आधा चम्मच पिसी हुई फिटकरी मिलाकर प्रतिदिन गुदा को धोयें तथा साफ कपड़े को फिटकरी के पानी में भिगोकर गुदे पर रखने से लाभ होता है
  2. खूनी बवासीर का इलाज करने के लिए एक चम्मच शहद में दो चुटकी फिटकरी (स्फटिका भस्म) मिलाएं और सेवन करें। इस नुस्खे को दिन में दो बार खाना खाने के बाद आजमाएं।
  3. फिटकरी और केले से बवासीर का इलाज किया जा सकता है। पेट खाली हो जाने के बाद एक केला खाएं और थोड़ी देर बाद फिटकरी एवं शहद का सेवन करें। यह नुस्खा कब्ज दूर करता है और खूनी बवासीर की नसों को शांत करता है।
  4. 10 ग्राम फिटकरी को बारीक पीसकर इसके चूर्ण को 20 ग्राम मक्खन के साथ मिलाकर बवासीर के मस्सों पर लगाने से मस्से सूखकर गिर जाते हैं।
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फिटकरी से बवासीर का इलाज कैसे करें

  1. फिटकरी को पानी में घोलकर उस पानी से गुदा को धोने खूनी बवासीर में लाभ होता है।
  2. भूनी फिटकरी और नीलाथोथा 10-10 ग्राम को पीसकर 80 ग्राम गाय के घी में मिलाकर प्रतिदिन सुबह-शाम बवासीर के मस्सों पर लगायें। इससे मस्से सूखकर गिर जाते हैं।
  3. सफेद फिटकरी 1 ग्राम की मात्रा में लेकर दही की मलाई के साथ 5 से 7 सप्ताह खाने से खूनी बवासीर में खून का अधिक गिरना कम हो जाता है।
  4. दो चुटकी फिटकरी पाउडर में नारियल का तेल मिलाएं और मस्सों पर लगाएं ऐसा नियमित करने से मस्से सुखकर गिर जाते है।
  5. फिटकरी के टुकड़े में नारियल का तेल लगाकर बवासीर के मस्सों पर धीमी गति से रगड़ें।
  6. दो चुटकी फिटकरी पाउडर में एक चुटकी हल्दी और खीरा का रस मिलाएं। सुबह-शाम इस मिश्रण को बवासीर के मस्सों पर लगाएं।
  7. भूनी फिटकरी 10 ग्राम, रसोत 10 ग्राम और 20 ग्राम गेरू को पीस-कूट व छान लें। इसे लगभग 3-3 ग्राम की मात्रा में प्रतिदिन सुबह-शाम खाने से खूनी तथा बादी बवासीर में लाभ मिलता है।
  8. फिटकरी को तवे पर डालकर गर्म करके राख बना लें। इसे पीसकर घावों पर बुरकाएं इससे घाव ठीक हो जाएंगे। घावों को फिटकरी के घोल से धोएं व साफ करें।
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