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वास्तु के अनुसार कैसे सकारात्मक ऊर्जा को बढ़ाएं? – positive energy at home

[vc_column_text]वास्तु घर की ऊर्जा को बहुत ज्यादा प्रभावित करता है घर का वातावरण वास्तु के ऊपर निर्भर करता है। अगर घर में निर्माण वास्तु के हिसाब से नहीं हो तो घर में अनेकों प्रकार की समस्यों का सामना करना पड़ सकता है। अगर आप का घर वास्तु शास्त्र के हिसाब से बना है तो यह घर की नकारात्मक ऊर्जा को कम कर सकारात्मक ऊर्जा को बढ़ाता है। वास्तु दोषों को कम कर के घर में सकारात्मक ऊर्जा को बढ़ाया जा सकता है। हमारे घर की ऊर्जा ही उस में रहने वाले सदस्यों की मनोस्थिति को प्रभावित करती है। अगर घर में नकारात्मक ऊर्जा की अधिकता है तो घर में सदैव क्लेश का माहोल बना रहता है। वास्तु शास्त्र किस प्रकार से घर की ऊर्जा को प्रभावित करता है और इस में कैसे सुधार किया जा सकता है इस लेख में हम आपको बताएंगे। [vc_custom_heading text=”घर में सकारात्मक ऊर्जा को कैसे बढ़ाएं?” font_container=”tag:h2|text_align:left|color:%23ff0000″][vc_column_text]

  • घर के प्रवेश द्वारा को हमेश साफ रखना चाहिए। और प्रवेश द्वारा पर हमेशा रोशनी की व्यवस्था की जानी चाहिए। इस से सकारात्मक ऊर्जा घर में प्रवेश करती है।
  • कचरे को नकारात्मकता का प्रतीक माना गया है। अतः घर को हमेशा साफ सुथरा रखना चाहिए। और घर की दहलीज हमेशा ऊंची होनी चाहिए जिस से कचरा घर के अंदर ना आए।
  • कचरा मन की स्थिति को परिवर्तित करता है। जो घर के सदस्यों में आलस का कारण बनता हैं। अतः नित प्रतिदिन घर की सफाई होनी चाहिए।
  • घर के मुख्य द्वार पर शुभ चिन्ह या तस्वीर लगानी चाहिए। इसमें गणेश जी की तस्वीर या ॐ आदि का फोटो भी हो सकता है।
  • अब घर की सजावट के लिए कुछ ऐसे प्रतीकों को प्रयोग होता है जो ऊर्जा की ददृष्टि से सही नहीं है। जैसे जानवरों की सर की कलाकृति, सूखे पेड़ का ठूंठ आदि।
  • किसी भी घर के मुख्य द्वार के सामने बिजली का पोल या पेड़ आदि नहीं होना चाहिए। यह सब घर में सकारात्मक ऊर्जा के प्रवेश को रोकते है।
  • घर की छत या किसी कमरे आदि में कबाड़ का सामान नहीं रखे हो सके तो किसी बोरे में भर कर किसी कोने में रखे दे। इससे घर के सदस्यों की मानसिकता प्रभावित होती है।
  • घर जितना प्राकृतिक होगा उतनी ही उसमें सकारात्मक ऊर्जा की वृद्धि होगी। घर को प्राकृतिक रूप देने के लिए आस पास पेड़-पौधे, चारों और खुला हुआ स्थान, दूर से दिखने वाली दीवारों पर प्राकृतिक पत्थर, घमले आदि का प्रयोग किया जाना चाहिए।
  • घर की कोई भी दीवार टूटी फूटी नहीं होनी चाहिए क्यूँकी यह वास्तु की दृष्टि से सही नहीं है। घर में अगर पुटी की गई हो या दीवारों पर कलर किया गया हो तो उसे हमेशा व्यवस्थित रखना चाहिए। अगर प्लास्टर आदि उखड़ा हो तो उसे तुरंत सही करवाना चाहिए।
  • घर में बंद घड़ियों को हटा देना चाहिए। यह समय के रुकने और आप की प्रगति का रुकने का संकेत करती है। इससे घर में नकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है।
  • बेडरूम या लिविंग रूम में कुछ सकारात्मक बातें, किसी खुश बच्चे की तस्वीर लगाएं। घर के भीतर सुबह-शाम कपूर या दीपक जला सकते हैं, इससे नकारात्मकता जाती है।
  • घर की डाइनिंग टेबल पर कभी भी दवाइयाँ नहीं रखनी चाहिए। यह नकारात्मकता की ओर प्रतीक करती है। अगर एस करते है तो हम दवाइयों को भोजन का हिस्सा बनने का निमंत्रण देते है।
  • घर के भीतर जितनी रौशनी होगी, उतनी ही सकारात्मकता आएगी. घर में प्रकाश की पूरी व्यवस्था करें। किसी भी हिस्से में अंधेरा नहीं होना चाहिए और शाम को एक बार पूरे घर की लाइट्स जलाएं। घर की लॉबी हमेशा रौशन रहनी चाहिए, क्योंकि वहां आकाश तत्व का वास होता है।
  • घर में खुशबू ऊर्जा का संचार करती है इसलिए किसी भी तरह की खराब गंध वाली चीज तुरंत हटाएं और दिन-शाम अगरबत्ती या धूप जलाएं। घर के खिड़की-दरवाजे सुबह-शाम खोलें, इससे नकारात्मकता की जगह सकारात्मकता लेती है. मच्छरों का डर हो तो जाली लगवाई जा सकती है।
  • यदि घर का मुख्य द्वार उत्तर, उत्तर-पश्चिम या पश्चिम में हो तो उसके ऊपर बाहर की तरफ घोड़े की नाल लगा देना चाहिए। इससे सुरक्षा एवं सकारात्मक ऊर्जा मिलती है।
  • घर या दफ्तर में झाड़ू का जब इस्तेमाल न हो रहा हो, तब उसे नजऱों के सामने से हटाकर रखें। और कमरों में पूरे फर्श को घेरते हुए कालीन आदि बिछाने से लाभदायक ऊर्जा का प्रवाह रुकता है।

घर में पॉजिटिव एनर्जी लाने के लिए आपको सुबह सूरज उगने से पहले घर की सफाई कर लेनी चाहिए। सुबह सुबह सूर्य भगवान को जल चढ़ाना चाहिए। अपने मंदिर में जल का एक पात्र भर कर रखना चाहिए। आपको पूजा घर ईशान कोण में बनवाना चाहिए। घर में धूपबत्ती करने से, हवन करने से, पूजा करने से घर में पॉजिटिव एनर्जी आती है। कुछ पेड़ पौधे ऐसे होते हैं जिन्हें लगाने से घर में सकारात्मक ऊर्जा प्रवाहित होती है। आपको तुलसा जी पर जल चढ़ाना चाहिए। घर में मनी प्लांट, बंबू प्लांट, जेड प्लांट जैसे सकारात्मक पौधे लगाने चाहिए।

नेगेटिव एनर्जी का पता आपको कुछ संकेतों के द्वारा लग सकता है। जैसे आपके घर में बिना वजह लड़ाई झगड़ा रहता है । आपस में किसी भी सदस्य की नहीं बनती है तो आप समझ लीजिए कि आपके घर में नेगेटिव एनर्जी का प्रवेश हो चुका है। अगर आपको अपने घर में असहज महसूस होता है। किसी ना किसी बात पर आपस में वाद विवाद होता है तो समझ लीजिए आपके घर में नकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश हो चुका है। बिना किसी वजह सर में भारीपन रहे। रोने का मन करे, आप बिना बात पर रोते रहे। मन अशांत रहे तब आपके घर में नकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश हो चुका है। यदि आपके घर में अचानक से कीड़े आने लगे तो समझ लीजिए आपके घर में नकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश हो चुका है। ऐसे में आपको अपने धर्म, पूजा व नियमों का पालन करना चाहिए। अपने घर की शुद्धि अवश्य करवानी चाहिए। 

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अगर आपके घर पर नेगेटिव एनर्जी होती है तो चीजें आपके फेवर में नहीं रहती। आप हमेशा परेशान रहते हैं ।आपके घर में हमेंशा क्लेश और लड़ाई झगड़े होते रहते हैं। आपके परिवार के सदस्यों के बीच में सामंजस्य नहीं रहता। परिवार के सदस्यों का स्वास्थ्य खराब रहता है,दुर्घटनाएं होती रहती हैं। किसी भी काम को पूरा होने में असफलता मिलती है। आप हमेशा बेचैन, परेशान व चिंतित रहते हैं। 

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