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बिज़नेस प्रॉब्लम एंड वास्तु टिप्स इन हिंदी- Business Problem And Vastu Tips In Hindi

पुराने समय से वास्तु सकारात्मक और नकारात्मक ऊर्जा के बारे में बताता आ रहा है और उस टाइम से लोग इसका यूज़ करते आ रहे है। आज के समय में भी वास्तु का हमारे जीवन में बहुत महत्व में है। घर, दुकान और यहाँ तक की रिश्तेदार और दोस्तों के संबध में भी वास्तु का बहुत बड़ा योगदान है।
अगर आपने अपने जिंदगी में वास्तु का ध्यान नहीं दिया तो आपको इसका खामियाजा भुगतना पड़ सकता है। इसलिए लोग घर बनाते समत वास्तु का पूरा ध्यान रखते है। जिस घर में सही वास्तु है उस घर में हमेशा बरकत रहती है और शांति बनी रहती है।
घर के अलावा दुकान और बिज़नस में भी लोग वास्तु का पूरा ध्यान देते है क्योंकि वहीं से उनकी आय आती है और रोजी-रोटी चलती है। अगर बिज़नस ठीक चले तो आपको लखपति और करोड़पति बना देता है लेकिन अगर वो घाटे में चला जाए तो आप रोड पर आ जाते है।
कई बार तो ऐसा होता है की दिन-रात मेहनत के बाद भी सफलता नहीं मिलती। इसके कई कारण हो सकते है और उसी में एक कारण है वास्तु और यही कारण सबसे बड़ा कारण होता है। अगर बिज़नस में नकारात्मक ऊर्जा बढ़ने लगे तो उसमे घाटा होना तय है, इसलिए वास्तु का ध्यान रखना बहुत जरुरी है। आईये जानते है कुछ बिज़नस प्रॉब्लम और वास्तु समाधान के बारे में।



बिज़नस प्रॉब्लम और वास्तु समाधान

1. लेबर प्रॉब्लम और समाधान

अगर लेबर (कर्मचारी) आपकी बात नहीं मानते है, आपकी बात को अनदेखा करते है तो यह उनके वेतन और वातावरण दोनों पर निर्भर करता है लेकिन इसमें वास्तु का भी अहम योगदान है। अगर आपने अपने कर्मचारियों को दक्षिण-पश्चिम दिशाओं में रखा है तो वे अधिक ताकतवर हो जाते है और आप पर हावी होने लगते है। ऐसे में उनमे अहंकार की भावना आ जाती है। आपका जो स्थान है उसमे उतर-पश्चिम का कोना दक्षिण-पूर्व की तुलना में ऊँचा नहीं होना चाहिए।

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2.श्रमिक अशांति और समाधान

लोग आपके पास आकर सीखते है, खुद को कुशल बनाते है और बाद में आपके विरोधियों के साथ जाकर काम करने लग जाते है तो ऐसे में यह आपके बिज़नस के लिए बड़ी प्रॉब्लम हो सकती है क्योंकि वे आपके तौर-तरीकों के बारे में जानने लगते है। ऐसे में अपने उतर-पश्चिम क्षेत्रों को देखे। वायु तत्व अपनी जगह संतुलित नहीं होगा इस वजह से ऐसा हो रहा होगा, इसलिए ज्योतिष से मिलकर इसका समाधान कराएँ।




3. बिज़नस में नुकसान और समाधान

अगर आपको बिज़नस में नुकसान हो रहा है तो ध्यान रखें की ऑफिस में आपका मुहं पूर्व या उत्तर दिशा की और होना चाहिए। लेकिन ध्यान रहे दक्षिण दिशा की और कभी भी अपनी कुर्सी का मुहं ना करें अन्यथा आपको बिज़नस में भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।




4. ईशान कोण का ध्यान रखें

ईशान कोण को सब दिशाओं में सबसे शुभ माना जाता है। अगर आप व्यापार या बिज़नस में तरक्की चाहते है तो अपने ऑफिस का ईशान कोण बिलकुल साफ़ रखें और हो सके तो वहां पर पूजा घर बनायें। ईशान को हमेशा साफ़ रखें इससे ग्राहक आकर्षित होगी। कभी भी जूते-चप्पल ईशान कोण में ना रखें अन्यथा बिज़नस में भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।

5. बिक्री बढाने के लिए करें यह उपाय

अगर आपका खुद का बिज़नस है और आप बिक्री ना बढ़ने की वजह से परेशान है तो अपने व्यापार से संबधित सामान को उतर-पश्चिम दिशा में रखें। बाथरूम के पास सीट ना रखें। वास्तु के अनुसार ऐसा अशुभ माना जाता है। आपके ऑफिस में जो फर्नीचर हो वह गोलाकार या आयताकार होना चाहिए। अगर आप इन चीजों का ध्यान रखेंगे तो आपकी बिक्री में बढ़ोतरी होगी।

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6.सामान का रिजेक्ट होना और समाधान

अगर आपके बिज़नस में माल बनाने वाले बहुत अनुभवी है लेकिन फिर भी आपके माल को रिजेक्ट कर दिया जाता है तो ऐसे में ध्यान रखें की आपका माल तैयार होने के बाद किस दिशा में रहता है। अगर इसकी दिशा दक्षिण या दक्षिण-पश्चिम दिशा है तो यह आपके लिए नुकसानदायक होगा, इसलिए जल्द ही इसका दिशा बदलें।

7. बिज़नस में क़ानूनी विवाद और समाधान

कई बार बिज़नस में क़ानूनी अडचन आने लगती है। एक सही होती है तो दूसरी तैयार रहती है और बिज़नस में क़ानूनी अड़चन आना बिज़नस के लिए बहुत बड़ा नुकसान है। ऐसे में अपने जल स्रोतों की जांच करें। आपके पानी के बोरिंग, टेंक आदि दक्षिण-पूर्व में दिशा में तो नहीं है। दक्षिण-पूर्व की दिशा अग्नि स्थान है और इसके स्वामी अग्निदेव है। आग और पानी दोनों विरोधी तत्व है और एक-दुसरे के साथ खुश नहीं रह सकते। अग्नि के स्थान पर जल को स्थान देना अशुभ है और एक तरह से दुश्मिन करने जैसा है।

8. कर्मचारियों के साथ दुर्घटना और समाधान

किसी भी बिज़नस की ताकत उसके कर्मचारी होते है और अगर उनके साथ दुर्घटना हो जाए तो बिज़नस में लोस आने लगता है। अगर बार-बार बिज़नस में कर्चारियों के साथ दुर्घटना हो रही है तो ध्यान दे की भवन की पूर्व दिशा दक्षिण-पश्चिम दिशा की तुलना में अधिक ऊँची होगी और यही दुर्घटना का कारण बनती है। ध्यान रहे उतर-पूर्व दिशा में किसी तरह का बोझ नहीं होना चाहिए, क्योंकि इस दिशा को रोकना वास्तु के हिसाब से अशुभ माना जाता है।

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बिज़नेस में इन वास्तु उपायों का जरुर ध्यान रखें

  • कभी भी मंगलवार को लोन ना ले। मंगलवार के दिन लोन किश्तों में चुकाएं कभी भी एकमुश्त ना दे।
  • बुधवार को किसी को पैसे उधार ना दे।
  • ऑफिस में राधा और भगवान कृष्ण की बांसुरी बजाते हुए गाय के साथ वाली तस्वीर लगायें।
  • मुख्य द्वार पर लाल सिंदूर से ॐ या स्वास्तिक बनायें।
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