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कैसे करें नए घर में प्रवेश

हर किसी का सपना होता है की उसका अपना घर हो और एक समय बाद जब उसका यह सपना पूरा हो जाता है तो वह व्यक्ति बहुत खुश हो जाता है। सच में अपना घर तो अपना घर ही है। नया घर बनाते समय पहले नींव की पूजा होती है और फिर नींव भरी जाती है। लेकिन जब घर बन जाता है तब बात आती है गृह प्रवेश की। घर में प्रवेश करने में वास्तु का अहम रोल है और अगर वास्तु के हिसाब से गृह प्रवेश किया जाये तो बाद में कुछ गलत नहीं होता है और घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश रहता है जिससे घर का माहौल खुशनुमा रहता है। घर में गृह प्रवेश के दौरान पूजा, मोहर्त आदि का पूरा ध्यान रखा जाता है।
अगर आपने भी नया घर लिया है और नया घर बनाके उसमे प्रवेश करने जा रहे है तो आज की इस पोस्ट में हम आपको कुछ ऐसी बातें बताएँगे जिनका आपको गृह प्रवेश का दौरान ध्यान रखना है। अगर आप वास्तु के हिसाब से इन बातों का ध्यान रखके घर में प्रवेश करेंगे तो घर में सुख-शान्ति रहेगी और घर का माहौल अच्छा रहेगा।

कब और कैसे करे नए घर में प्रवेश?






  • सबसे पहले तो गृह प्रवेश के लिए सही तिथि, समय, वार और ग्रह-नक्षत्रों का ध्यान रखें। गृह प्रवेश के लिए शुभ मुहूर्त का होना बहुत जरुरी है। इसलिए आप प्रसिद्द ब्राह्मण की सहायता ले जो सभी मन्त्रों के दवारा पूरी पूजा के साथ गृह प्रवेश करवाएं।
  • गृह प्रवेश के लिए माघ, फाल्गुन, ज्येष्ठ, वैशाख सही महीने माने गये है।
  • मंगलवार के दिन गृह प्रवेश नहीं किया जाता है। कुछ ख़ास परिस्थितियों में शनिवार और रविवार को भी नए घर में प्रवेश करना वर्जित माना जाता है।
  • गृह प्रवेश में पूजन समाग्री में कलश, नारियल, जल, कुमकुम, चावल, अबीर, गुलाब, अगरवत्ती, आम या अशोक के पत्ते, पिली हल्दी, चावल, दूध आदि चीजों का होना जरुरी है। इसलिए इनका पहले से इंतजाम करके रखें।
  • नए घर में प्रवेश मंगल कलश के साथ करना चाहिए क्योंकि ऐसा करना वास्तु के हिसाब से शुभ माना गया है।
  • गृह प्रवेश के दौरान पुरे घर को दुल्हन की तरह सजाना चाहिए।
  • गृह प्रवेश के दौरान घर के स्वामी और उनकी पत्नी को पांच मांगलिक वस्तुएं नारियल, पिली हल्दी, गुड़, चावल और दूध को अपने साथ लेकर नए घर में प्रवेश करना चाहिए।
  • नए घर में प्रवेश हमेशा मंगल गीतों के साथ करना चाहिए। इससे घर का माहौल सकारात्मक हो जाता है।
  • गृह प्रवेश के दौरान पुरुष पहले दाहिना पैर और महिला पहले बायाँ पैर आगे बढ़ा कर घर में प्रवेश करें।
  • भगवान गणेश जी का ध्यान करते हुए गणेश जी के मन्त्रो का उच्चारण करते हुए घर के ईशान कोण में या फिर पूजा घर में कलश की स्थापना करें। ईशान कोण को वास्तु में सबसे शुभ माना गया है और यह देवताओं की दिशा है।
  • रसोई घर में भी रसोई के मुख्य सामान की पूजा करनी चाहिए। चूल्हे को जलाकर सबसे पहले उस पर दूध उफनना चाहिए।
  • घर में जब गृह प्रवेश के बाद पहला भोजन बनता है तो उसमे सबसे पहले भगवान को भोग लगायें और उसके बाद ही बाकि सदस्य भोजन ग्रहण करें। भोजन में से चींटी, गाय माता, कुता, कोआं आदि का भोजन अलग से निकाल कर रखें।
  • उस दिन ब्राह्मणों और कुछ गरीब लोगों को भी भोजन कराएँ जिससे घर में सुख-शांति बनी रहे।
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