स्नानगृह और शौचालय का एक साथ होना

स्नानगृह और शौचालय का एक साथ होना ठीक क्यों नहीं है?

आजकल हर घर में एक साथ स्नानगृह और शौचालय अर्थात अटैच लेट-बाथरूम का चलन है।
आपको लगभग हर नए घर में यह देखने को मिल जायेगा।
ऐसा करना आपके लिए भले ही सहूलियत भरा हो सकता है लेकिन वास्तु के हिसाब से स्नानगृह और शौचालय का एक साथ होना ठीक नहीं है।
दोनों का एक साथ होने से वास्तुदोष उत्पन्न होता है।
इस से घर के लोगों को कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
ऐसा करने से घर के सदस्यों के बीच तनाव का माहौल रहता है।
पति-पत्नी के बीच मन-मुटाव पैदा होते है।
इस पोस्ट में हम आपको बताएँगे की आखिर क्यों वास्तु के हिसाब से स्नानगृह और शौचालय का एक साथ होना ठीक नहीं है?






वास्तु के अनुसार स्नानगृह और शौचालय का एक साथ होना ठीक क्यों नहीं है?

ज्योतिषशास्त्र और वास्तुशास्त्र के हिसाब से स्नानगृह पूर्व दिशा में होना चाहिए।
शौचालय दक्षिण और दक्षिण-पश्चिम दिशा में होना चाहिए।
लेकिन एक साथ स्नानगृह और शौचालय के होने से वास्तु का यह नियम भंग होता है।
जब दोनों की दिशाएं अलग निर्धारित है तो ऐसे में दोनों का एक साथ होना खतरनाक है।
वास्तु शास्त्र में चन्द्रमा को अमृत कहा गया है और राहू को विष। अमृत और विष कभी भी एक साथ नहीं हो सकते है, जिस तरह जल और अग्नि भी एक साथ नहीं हो सकते।
दोनों ही एक –दुसरे के विपरीत तत्व है।

इसी तरह स्नानगृह और शौचालय का एक साथ होना लोगों की सहनशीलता में कमी लाता है।
इस से परिवार में विवाद पैदा करता है।
एक ख़ास बात यह भी है की बेडरूम में कभी भी बाथरूम नहीं होना चाहिए।
बेडरूम और बाथरूम दोनों की उर्जाओं का परस्पर एक साथ होना हमारे स्वास्थ्य के लिए अच्छा नहीं होता है।
सुबह उठते ही हम सबसे पहले फ्रेश होने के लिए शौचालय में जाते है।
इसलिए जरुरी हो की शौचालय पूरी तरह से साफ़ और सुंदर हो।
चीनी वास्तुशास्त्र फेंगसुई के अनुसार बाथरूम में आईना लगाते समय ध्यान रखना चाहिए की आईना दरवाजे के ठीक सामने ना हो।

ये भी पढ़े   छूट गया अगर एक भी पंचतत्व तो होगा नुकसान

बाथरूम में प्रवेश करते वक़्त हमारे साथ सकारात्मक और नकारात्मक दोनों तरह की ऊर्जा प्रवेश करती है।
ऐसे में वास्तु का विशेष ध्यान रखना चाहिए।
आज की इस पोस्ट में आप अच्छे से समझ गए होंगे की क्यों वास्तु के अनुसार स्नानगृह और शौचालय एक साथ नहीं हो सकते।इसके क्या नुकसान हो सकते है।
उम्मीद करता हु की आपको यह पोस्ट पसंद आई होगी।
अगर आपको यह पोस्ट पसंद आई हो तो इसे अपने दोस्तों के साथ शेयर करें।
कमेंट बॉक्स में अपने विचार दे।

टैग्स: , , ,
Previous Post

वास्तु के हिसाब से घर के दरवाजे कैसे होने चाहिए – घर के दरवाजे का वास्तु

Next Post
Aquarium
वास्तु

फिश एक्वेरियम से जुड़े वास्तु टिप्स