कहीं दर्पण तो नहीं बना रहा आपकी सफलता की रूकावट | Vastu tips for mirror in hindi

दर्पण का वास्तु शास्त्र में बहुत अहमियत दी गयी है । अगर एक दर्पण सही जगह न लगा हो तो आपको बहुत मुश्किलों का सामना करना पढ़ सकता है । अगर दर्पण को वास्तु शास्त्र के नियमो के अनुसार इस्तेमाल किया जाये तो जीवन में सुख और खुशियां आती है। अगर घर का वास्तु सही नहीं है तो घर में रहनेवालों को मुश्किलों का सामना करना पढ़ सकता है।

वास्तु के अनुसार शीशा – Vastu Mirror Position

Vastu Tips For Mirror in hindi

अगर आप नया घर खरीद रहे तो दर्पण से जुड़े कुछ मुख्या चीजें जान ले

  • चौकोर या आयताकार आकर का शीशा सबसे अच्छा होता है।
  • वास्तु के अनुसार शीशा हमेशा उत्तर और पूर्व दीवारों की तरफ होना चाहिए।
  • ध्यान रखे हमेशा शीशे की लम्बाई 4-5 फ़ीट तक होनी चाहिए।
  • वास्तु के अनुसार बैडरूम में शीशा हमेशा बिस्तर के किनारे में होना चाहिए।
  • अगर आपके घर की खिड़की के बहार बहुत सुन्दर लैंडस्केप है तो उस खिड़की के सामने आप शीशा लगा सकते है ताकि लैंडस्केप का प्रतिबिंब खिड़की पर पढ़े। इस से घर में सकारात्मक ऊर्जा आती है
  • वास्तु के अनुसार ड्राइंग-रूम में शीशा हमेशा खाने की टेबल के सामने होना चाहिए।
  • वास्तु के अनुसार घर में शीशा कैश लॉकर के सामने होना चाहिए जिससे घर में धन बढ़ता जाये
  • Bathroom में शीशा कभी भी अंधेरे में नहीं होना चाहिए।
ये भी पढ़े   कैसी हो वास्तु के अनुसार रसोई - kitchen vastu tips in hindi

ये भी पढ़े जानिये कैसी होनी चाहिए वास्तु के अनुसार सीढ़ी

बैडरूम में दर्पण के लिए सही जगह वास्तु के अनुसार शीशा

वास्तु के अनुसार अगर आप नया घर खरीद रहे तो आपको दी गई हुई बातों का ध्यान रखना चाहिए :

  • गोल और अंडाकार आकर के शीशे अपने घर में नहीं लगाने चाहिए।
  • वास्तु के अनुसार घर के मुख्य द्वार के सामने शीशे नहीं होना चाहिए। ऐसा करने से घर की सारी सकारात्मक ऊर्जा घर के बहार चली जाएगी।

Dressing table vastu directions

  • वास्तु के अनुसार बेडरूम में अगर शीशे किसी ड्रेसिंग टेबल में नहीं है तो यह ध्यान रखना जरूरी है की उस कमरे में रह रहे इंसान का कोई भी शरीर का हिस्सा शीशे में नहीं आना चाहिए।
  • अगर घर के खिड़की और दरवाज़े शीशे के है तो वो शीशा पारदर्शक नहीं होना चाहिए।
  • अगर आप बच्चों का कमरा सजा रहे तो वास्तु के अनुसार के अनुसार कभी भी उनके कमरे में लटकता हुआ शीशा नहीं होना चाहिए।

Mirror position according to vastu

  • कभी भी 2 शीशे एक दूसरे के सामने नहीं होने चाहिए।
  • घर में सीढ़ियों के पास शीशा नहीं होना चाहिए।
  • संकीर्ण मार्ग में शीशा नहीं होना चाहिए।
  • बच्चों के कमरे में पश्चिम दीवार पर कभी भी शीशा नहीं होना चाहिए।
  • पढाई करने की जगह पे कभी भी शीशे नहीं होने चाहिए।
  • अगर घर के center में दिवार है तो वो एक वास्तु दोष है। उस दिवार पर शीशा लगाने से यह दोष हटाया जा सकता है।
  • दिवार पर लगा हुआ शीशा कभी भी आगे की तरफ गिरता हुआ नहीं होना चाहिए। शीशा हमेशा सीधा लटकना चाहिए।
  • रसोई घर में शीशा नहीं लगाना चाहिए।
    घर में शीशा ऐसी जगह नहीं होना चाहिए जहाँ पर उसपे किसी भी गन्दी नाली या कचरे के डब्बे का प्रतिबिंब पढ़े।
ये भी पढ़े   नमक के टोटके और फायदे - Namak ke totke aur fayde in Hindi

Mirror direction According to vastu

  • सारे शीशे हमेशा या तो उत्तर या पूर्व दिशा में होने चाहिए।
  • कोई भी शीशा घर के मुख्य द्धार पे नहीं होना चाहिए।
  • बड़े शीशे की बिस्तर के पास शुभ मानी जाती है।
  • दक्षिण की दीवार पे शीशा नहीं लगाना चाहिए।

अगर यहाँ दिए गए वास्तु के अनुसार शीशे को रखने के तरीके आप अपनाते है तो आपके घर में खुशियां , धन और समृद्धि बढ़ती रहेगी।

ये भी पढ़े

टैग्स:
Previous Post

कछुआ अंगूठी की जानकारी – कछुआ के फायदे – कछुआ वास्तु इन हिंदी

Next Post
dukan chalane ke upay
दुकान

दुकान में चाहिए बरकत तो अपनाइए ये वास्तु टिप्स (vastu for shop in hindi)