चप्पल स्टैंड वास्तु टिप्स

वास्तु हमारी जिंदगी में कितना महत्वपूर्ण स्थान रखता है इसके बारे में हम सब अच्छे से जानते है।घर, फैक्ट्री, बिज़नस आदि से लेकर हमारी जिंदगी से जुड़े हर पहलु में वास्तु का अहम योगदान है।परेशानियों के सारे कारणों में वास्तु भी एक मुख्य कारण है।अगर सही से वास्तु का ध्यान नहीं रखा गया तो इसका भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।
घर में बाथरूम, मुख्य द्वार, किचन, बेडरूम, छत, पूजा घर आदि सभी वास्तु के हिसाब से बनाने बहुत जरुरी होते है।अगर इनमे से किसी में भी चुक हुयी तो इसका सबसे ज्यादा नुकसान घर के स्वामी को होता है। इसी तरह घर में एक चीज और होती है चप्पल स्टैंड, इसका भी वास्तु का ध्यान रखना बहुत जरुरी होता है।
कई बार हम बाहर से आते समय या कभी भी जूते-चप्पलों को इधर-उधर रख देते है और बने-बनाये वास्तु को खराब कर देते है।घर के बाहर से आने वाले लोग जूतों के साथ घर में नेगेटिव एनर्जी लेकर ना आये, इसलिए वास्तु का विशेष ध्यान रखा जाता है।आईये जानते है चप्पल स्टैंड से जुड़े वास्तु टिप्स के बारे में:






चप्पल स्टैंड वास्तु टिप्स

  • इस बात का विशेष ध्यान रखें की जूतों का स्टैंड मुख्य द्वार से 2-3 फीट की दुरी पर होना चाहिए।
  • जूतों स्टैंड के अंदर जब आप जुटें रखते है तो ध्यान रखें की जुटें बाहर दिखने नहीं चाहिए। सही से दरवाजे को बंद करना चाहिए।मुख्य दरवाजे से लक्ष्मी और भगवान गणेश का आगमन होता है और ऐसे में अगर जूते-चप्पल ढके रहेंगे तो पॉजिटिव एनर्जी घर में आसानी से प्रवेश करेगी।
  • जूता स्टैंड रखने के लिए पश्चिम और दक्षिण पश्चिम दिशा शुभ मानी जाती है, इसलिए इन दिशाओं के कोने में जूता स्टैंड बनायें।ध्यान रहे जूतों के स्टैंड को कभी भी उतर, दक्षिण-पूर्व या पूर्व दिशाओं में नहीं रखना चाहिए क्योंकि ऐसा वास्तु के हिसाब से अशुभ माना जाता है।
  • बेडरूम में कभी भी जूतों का स्टैंड नहीं रखें इससे पति-पत्नी के बीच अनबन रहती है।
  • जूता-स्टैंड को कभी भी पूजा घर के कमरे में या रसोई घर की दीवार के पास सटाकर ना रखें अन्यथा इससे भयंकर वास्तुदोष पैदा हो सकते है क्योंकि रसोईघर और पूजा घर दोनों ही घर में सबसे शुभ माने जाते है और इस जगह पर गंदगी की सख्त मनाई होती है। इस जगह पर जूता स्टैंड रखने से घर में नेगेटिव एनर्जी आती है और शादी-शुदा जिंदगी पर असर पड़ता है।
  • घर के पूर्व, उतर, आग्नेय और ईशान कोण में कभी भी जूतों का स्टैंड ना बनाये।स्टैंड के लिए उतर-पश्चिम दिशा और दक्षिण-पश्चिम की दिशा सबसे सही है।
  • जूते हमेशा व्यवस्थित रखें, उन्हें कभी भी बिखरे हुए ना रखें इससे घर में नकारात्मक ऊर्जा आती है जिससे घर में तनाव का माहौल रहता है। जूतों को कभी भी उलटा ना रखें इससे घर में झगड़े होते है।ऐसा माना जाता है बिखरे हुए जूते रखने से शनि का प्रकोप रहता है क्योंकि शनिदेव को पैरों का करक माना गया है।
  • जिस अलमारी में आप पैसा, सोना, गहने आदि रखते है उस अलमारी के नीचे जूतों का स्टैंड ना बनायें अन्यथा माँ लक्ष्मी रूठ जाएगी और आपको आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ सकता है।
  • जिस बेड पर आप सोते है उसके नीचे कभी भी जूते-चप्पल ना रखें अन्यथा इससे आपका स्वास्थ्य खराब हो सकता है और पति-पत्नी में संबध खराब हो सकते है।
  • अगर आप एग्जाम देने जा रहे है तो ध्यान रहे सफ़ेद जूते ना पहने इससे ध्यान में कमी आती है।
  • जो लोग शनि की ग्रह-दशा से पीड़ित है और जिन पर भगवान शनि का प्रकोप चल रहा है उन्हें शनिवार के दिन किसी गरीब को जूते-चप्पल खरीद कर देने चाहिए, इससे शनि की कृपा होती है जिससे धन में वृद्दि होती है और स्वास्थ्य अच्छा रहता है।
  • जन्मदिन, शादी-समारोह या किसी शुभ अवसर पर भूलकर भी जूते-चप्पल गिफ्ट में ना ले अन्यथा आपको आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ सकता है।
  • अगर आप घर में चप्पल पहनना चाहते है तो इसके लिए दुसरे चप्पल का इस्तेमाल करें जिन्हें बाहर पहनकर ना जाना पड़े अन्यथा घर में गंदगी आएगी और इससे वास्तु खराब होगा।
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जूतों से जुड़े वास्तु की इन बातों का विशेष ध्यान रखें

  • कभी भी टूटे-फूटे जूते नहीं पहनने चाहिए।
  • सीढियों के नीचे जूते-चप्पल ना रखें।
  • किसी से गिफ्ट में जूते ना ले और अगर ले लिए है तो इसे ना पहने।
  • चुराए हुए जूते कभी ना पहने अन्यथा आप पर शनि का प्रकोप रह सकता है।
  • शनिवार के दिन जूते-चप्पल नहीं खरीदने चाहिए।
  • अगर आपका शनी खराब चल रहा है तो शनिवार के दिन किसी गरीब व्यक्ति को जूते दान करें।
  • जूते-चप्पलों का चोरी होना शुभ माना जाता है।
  • कमरे में जाते समय जूते बाई और उतरने चाहिए।
  • घर के बीच में कभी भी जूतें ना रखें।
  • पलंग के निचे जूतें ना रखें।
  • जूतें पहनकर मंदिर में ना जाएँ।
  • जूते-चप्पल पहनकर कभी भी भोजन नहीं करना चाहिए अन्यथा इससे दुर्भाग्य में वृद्दि होती है।
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