servant-room-2006x760

सर्वेन्ट रूम से संबंधित वास्तु टिप्स – servant quarters vaastu

प्राय जब हम एक बड़ा घर बनाते है तो घर के रख रखाव के लिए कुछ नौकर भी रखते है जो हर घड़ी घर की सफाई और रखरखाव का ख्याल रखते है। इन नौकरों के लिए भी घर में एक अलग से कमरा बनाया जाता है जिसे सर्वेन्ट रूम कहा जाता है। इस रूम के बनाते समय वास्तु का विशेष ध्यान रखना चाहिए अन्यथा घर में अनेक प्रकार के वास्तु दोष पैदा हो सकते है।अगर सर्वेन्ट रूम सही जगह और तरीके से नहीं बना है तो घर में नौकरों के कार्य में उदासीनता या कामचोरी देखी जा सकती है। आज इस लेख में सर्वेन्ट रूम को बनाते समय ध्यान में रखी जाने वाली वास्तु से संबंधित बातों को बताएंगे।

सर्वेन्ट रूम की दिशा - servant room direction






  • सर्वेन्ट रूम बनाते समय इस बात का विशेष ध्यान रखे की यह रूम घर के ईशान कोण अर्थात उत्तर-पूर्व दिशा में यह कभी नहीं बनाना चाहिए। सर्वेन्ट रूम इस भाग को छोड़ कर कीसी भी भाग में बनाया जा सकता है। यह देखा जाता है की जिस तरफ सर्वेन्ट रूम होता उस तरफ घर का कोई अन्य सदस्य नहीं जाता जाता है । इस से घर का उत्तर पूर्व हिस्सा पूरी तरह से कट जाता है और घर के इस कोने में घर के सदस्यों के ना जाने से बहुत से वास्तु दोष पैदा हो जाते है।
  • उत्तर-पूर्व दिशा में सर्वेन्ट रूम बनाने से घर के मालिक और नौकर के संबंध सही नहीं रहते और नौकर कीसी तरह की गलत हरकत भी कर सकता है।
  • दक्षिण –पूर्व दिशा में सर्वेन्ट रूम बनाना सबसे उपयुक्त माना गया है। इस दिशा में सर्वेन्ट रूम होने से नौकर मालिक के कंट्रोल में रहता है और कीसी भी तरह का गलत कदम जैसे चोरी आदि नहीं करता है।
  • सर्वेन्ट रूम का ईशान कोण स्वच्छ और सुंदर होना चाहिए।
  • यदि स्थान का अभाव न हो तो नौकरों का कमरा मकान के निकट दक्षिण या पश्चिम दिशा में चारदीवारी से सटाकर बनाना चाहिए। यदि मुख्य मकान के बाहर बनाना संभव न हो तो मकान के अंदर इसी भाग में उनका कमरा बनवाना चाहिए परंतु नौकरों के कमरे की दीवार कबाड़घर से लगी हुई नहीं होनी चाहिए।
  • सर्वेन्ट रूम कीसी भी दिशा में हो उसका एक दरवाजा घर में अवश्य खुलना चाहिए। और रूम में एक से अधिक खिड़किया भी होनी चाहिए जिस से रूम में शुद्ध हवा का प्रवाह हो सके और रूम में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह हो सके। इस तरह नौकर में एक स्फूर्ति बनी रहे और काम को शत प्रतिशत मन के साथ करे।
  • सर्वेन्ट रूम का फर्श मुख्य घर के फर्श से ऊंचा नहीं होना चाहिए और फर्श साधारण ही होना चाहिए। और कीसी तरह के इलेक्ट्रिक उपकरणों का प्रयोग इस रूम में नहीं करना चाहिए। परन्तु सर्वेन्ट को टीवी, पंखा और कूलर की सुविधा दी जा सकती है।
  • सर्वेन्ट रूम के पास अतिरिक्त स्थान भी रखना चाहिए जहां कुछ देर टहला जा सके और खाना मुख्य रूम में नहीं बनाना चाहिए अतिरिक्त स्थान का प्रयोग खाना बनाने में किया जा सकता है।
  • बेसमेंट में भी अटेच लेटबाथ के साथ सर्वेन्ट रूम का निर्माण किया जा सकता है।
  • सर्वेन्ट रूम में ज्यादा गहरे या भड़काऊ रंगों का प्रयोग नहीं किया जाना चाहिए हो सके तो कुल या लाइट रंगों का ही प्रयोग किया जाना चाहिए जिस से एक शांत दिमाग के साथ सर्वेन्ट काम कर सके।
  • सर्वेन्ट रूम में ज्यादा बड़ी मूर्ति लगाने से बचना चाहिए हो सके तो सिर्फ भगवान के पोस्टर या तस्वीर लगा कर पूजा स्थल बनाया जा सकता है।
ये भी पढ़े   वास्तु के अनुसार मुख्य द्वार : ऐसे बनाएं घर के दरवाजे कभी नहीं होगी तिजोरी खाली

इस तरह इन बातों का ध्यान रख एक सर्वेन्ट रूम घर में बनाया जा सकता है। जिस से कीसी तरह का कोई वास्तु दोष पैदा होना का कोई खतरा नहीं रहता है और घर में नौकर और मालिक के बीच के संबंध भी मधुर रहते है। इस के परिणाम स्वरूप नौकर पूरी लगन के साथ काम करता है।

Previous Post
tijori
जिंदगी

बरक्कत के लिए तिजोरी में किस रंग का कपड़ा बिछाएं

Next Post
optimized-mdac-1200x900
जिंदगी

nabhi chakra in hindi