tijori kis disha me rakhni chahiye

घर में तिजोरी किस दिशा में रखनी चाहिए, जो भरे रहे घर का भंडार

तिजोरी किस दिशा में रखनी चाहिए

पुराने जमाने में समृद्धिशाली एवं धनवान व्यक्तियों के घर में एक तिजोरी अवश्य होती थी। उस तिजोरी को एक सुरक्षित कमरे में रखा जाता था। आजकल के समय में अलग से तिजोरी रखने का प्रचलन तो कम हो गया है। आपकी अलमारी में तिजोरी अवश्य बनने लगी है। पहले के समय में लोग तिजोरी को एक शुभ मुहूर्त में मां लक्ष्मी व कुबेर जी की पूजा करने के बाद ही स्थापित करते थे। जिससे कि उनके घर में धन संपदा प्रचुर मात्रा में हमेशा रहे। आजकल के समय में हम लोग कहीं भी कभी भी अपना कीमती सामान, धन, जेवर रख देते हैं। कीमती सामान तिजोरी में रखते भी हैं तो बस उसे किसी तरह से तिजोरी में ठूस देते हैं। हमें पता ही नहीं होता कि तिजोरी में अपने कीमती सामान को रखने की भी एक विधि होती है। हमें समुचित प्रकार से व्यवस्था करके ही तिजोरी को घर में रखना चाहिए। अगर हम अलग से तिजोरी बनवाने में या लेने में सक्षम है तो हमारी तिजोरी किस प्रकार की होनी चाहिए? आइए जानते हैं कि घर में तिजोरी कैसी कहां और किस दिशा में होनी चाहिए।

किस दिशा में हो तिजोरी वाला कमरा

वास्तु के अनुसार तिजोरी वाला कमरा पूर्व या उत्तर दिशा में होना चाहिए। यह दरवाजा पूर्व या उत्तर दिशा में हो तो यह अत्यंत शुभ होता है। तिजोरी वाले कमरें में एक खिड़की अवश्य होनी चाहिए। यह खिड़की भी पूर्व या उत्तर दिशा में खुले तो यह बहुत ही अच्छा होता है। यह दरवाजा आग्नेय, नैऋत्य, वायव्य व दक्षिण दिशा की तरफ नहीं खुलता हो। इस कमरे में एक ही दरवाजा हो। इस दरवाजे में दो किवाड़ होने चाहिए। यह कमरा चौकोर या आयताकार होना चाहिए। यह कमरा अन्य कमरों से ऊंचा या उनके बराबर हो। तिजोरी वाला कमरा अन्य कमरों से नीचे बिल्कुल भी नहीं होना चाहिए।

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कैसी चाहिए आपके घर की तिजोरी

अगर आपके घर में तिजोरी नहीं है तो आपको अवश्य एक लकड़ी या धातु की पेटी या अलमारी को तिजोरी का रूप दे देना चाहिए। जब आपके घर में तिजोरी होगी तभी तो आपके घर में धन भी टिकेगा। तिजोरी अर्थात वह वस्तु जिसमें हम अपना धन, जेवर संचय करके रखते हैं। तिजोरी को कभी भी घर के दक्षिण दिशा में नहीं रखना चाहिए। तिजोरी को कभी भी दीवार से सटाकर नहीं रखना चाहिए दीवार व तिजोरी के बीच में थोड़ा सा फासला अवश्य होना चाहिए। तिजोरी का दरवाजा हमेशा उत्तर दिशा की तरफ खुलना चाहिए। उसका पीछे का हिस्सा दक्षिण की तरफ होना चाहिए। तिजोरी एक समतल स्थान पर होनी चाहिए। तिजोरी और जमीन के बीच में फासला होना चाहिए। तिजोरी को उसके चार पैरों पर जमीन पर टिका होना चाहिए। तिजोरी हमेशा आयताकार या चौकोर होनी चाहिए। तिजोरी एक अलमारी की शक्ल में होनी चाहिए। तिजोरी वाला कमरा साफ होना चाहिए। उसमें मकड़ी के जाले या गंदगी नहीं होनी चाहिए।

तिजोरी में क्या रखें

तिजोरी में पहले लाल रंग का कपड़ा बिछा ले उस पर श्री यंत्र व कुबेर यंत्र स्थापित करें। उनकी हल्दी चंदन से पूजा कर ले। वहां पर स्वास्तिक बनाकर अपना धन व जेरर रखें। अगर आपका पूजा में विश्वास है और आप हर शुक्रवार को पूजा कर सकते हैं तो मां लक्ष्मी की पूजा करें। लाल रंग का फूल तिजोरी में रखें और श्री सूक्त व कनकधारा स्रोत का पाठ करें। हर शुक्रवार को इस पुष्प को बदल दें। तिजोरी में बर्तन, कपड़े, कागज न रखें। तिजोरी में फाइल्स नहीं रखनी चाहिए। तिजोरी में खाने पीने का सामान इत्र, परफ्यूम आदि सुगंधित समान नहीं रखना चाहिए। तिजोरी में गहनों को लाल रंग के मखमल के कपड़े या डिब्बे में रखना चाहिए। सोने के सिक्के या चांदी के सिक्के आपके पास है तो उन्हें एक लकड़ी की पेटी में रखना चाहिए। रुपयों में सबसे बड़े नोट को सबसे नीचे और इसी क्रम में सबसे छोटे नोट को ऊपर रखना चाहिए। इन सभी चीजों को व्यवस्थित ढंग से रखना चाहिए। तिजोरी में धन व कीमती सामानों के अलावा कुछ भी नहीं रखना चाहिए। तिजोरी के अंदर मां लक्ष्मी की कमल पर बैठी हुई तस्वीर लगा सकते हैं। तिजोरी के सामने किसी भी भगवान की तस्वीर ना हो।

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अलमारी में तिजोरी कहां पर हो

आपके घर में अलग से तिजोरी नहीं है और आप अपनी अलमारी में तिजोरी बनवा रहे हैं। तिजोरी को हमेशा अलमारी के सबसे ऊपर वाले खानों में होना चाहिए। अलमारी के मध्य में भी तिजोरी बनवा सकते हैं। भूल कर भी अलमारी के सबसे नीचे तिजोरी न बनवाएं। कोशिश रहे कि रुपए, पैसों पर कपड़े या किसी अन्य सामान का भार न हो। जिस अलमारी में तिजोरी है वहां पर जूते चप्पल का रैक न हो। तिजोरी बिल्कुल भी हिलती न हो‌ तिजोरी को अगर सहारा देना है तो तिजोरी के नीचे लकड़ी का पटरा लगाएं। ईट या पत्थरों का सहारा न दें। तिजोरी वाले कमरे में हल्का पीला रंग करवाएं। टाइल्स का रंग लाल नीला या काला ना हो। तिजोरी को किसी बीम के नीचे ना रखें।

तिजोरी कब स्थापित करें

जिस तरह से हम अपने घर में मंदिर को स्थापित करते हैं उसी तरह से तिजोरी को भी एक निश्चित समय और मुहूर्त में स्थापित किया जाता है। तिजोरी को धनिष्ठा, श्रवण, रोहिणी, स्वाति, पुनर्वसु, उत्तरा, शतभिषा मुहूर्त में स्थापित करें। तिजोरी को सोमवार, शुक्रवार बुधवार एवं बृहस्पतिवार को स्थापित कर सकते हैं। तिजोरी में देवताओं के कोषाध्यक्ष कुबेर जी का वास होता है कुबेर जी का दिन बुधवार है अतः बुधवार के दिन सुबह एवं शाम को कुबेर मंत्र का पाठ कर तिजोरी की पूजा करें। कुबेर मंत्र से पहले गणेश मंत्र, श्री सूक्त का व कनकधारा स्त्रोत का पाठ अवश्य करें। माघ के महीने में भी शुक्रवार, बृहस्पतिवार को तिजोरी की पूजा अवश्य करें।

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कहां तिजोरी को आप ना रखें और क्यों

तिजोरी को ईशान कोण मैं ना रखें। धन का व्यय अधिक होता है। तिजोरी को अग्नि कोण में रखने से धन का अपव्यय होता है। तिजोरी को नैऋत्य कोण में रखने से धन संचय तो हो जाता है लेकिन कुछ समय बाद धन चोरी हो जाता है। धन बिना वजह खर्च होने लगता है। तिजोरी को वायव्य दिशा में अगर रखते हैं और उसका मुंह आग्नेय कोण में होता है तो घर में पैसे का अभाव रहता है। पैसा टिक नहीं पाता है।

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