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बगीचे के लिए वास्तु टिप्स – vastu shastra plants for house in hindi

घर में गार्डन का होना एक शुभ संकेत होता है यह वैज्ञानिक दृष्टि कोण से भी बहुत महत्वपूर्ण होता है। घर में बगीचा इंसान के दिमाग को स्वस्थ और तरोताजा रखता है। पर बहुत काम लोगों को पता है की अगर गार्डन वास्तु के अनुसार नहीं है तो वह आप के लिए समस्या खड़ी कर सकता है। आज इस लेख में हम उन बातों को बताएंगे जिसके अनुसार घर का बगीचा होने पर आप को बहुत अधिक लाभ होगा। वास्तु के अनुसार हर पौधे का लगाने की तय जगह होती है। वास्तु शास्त्र में हरियाली को खास महत्व दिया गया है। वास्तु अनुसार यदि घर के आस-पास कोई बगीचा हो तो बहुत से दोषों और परेशानियों का निवारण अपने आप ही हो जाता है।  वास्तु के अनुसार सही जगह पर पौधा लगाना लाभदायक है। शुभप्रप्ति के लिए किस दिशा में कौन सा पौधा लगाना चाहिए यह ज्ञान होना चाहिए।

गार्डन की दिशा

मकान की उत्तर या पश्‍चिम दिशा में गार्डन बनवाना बहुत शुभ होता है। वास्तु के अनुसार ये दोनों दिशाएं गार्डन के लिए उपयुक्त होती हैं। आप इस दिशा में निश्‍चित तौर पर गार्डन बनावाए। इस दिशा में गार्डन होने से घर में समृद्धि और घर के सदस्यों को स्वास्थ्य हमेशा अच्छा बना रहता है।

गार्डन में किस तरह के पौधे लगाए?






  • तुलसी को वास्तु शास्त्र में बहुत ही शुभ माना गया है।इसे गार्डन में लगाते समय दिशा का विशेष ध्यान रखना चाहिए। अगर आप तुलसी को गार्डन में लगाना चाहते है तो तो उत्तर, पूर्व या उत्तर-पूर्व दिशा में लगाना चाहिए। गमले में पौधा लगाया ज रहा है तो इसे भी उसी दिशा में ही रखे।
  • बरगद या पीपल का पेड को घर के आसपास लगाने की गलती कभी नहीं करनी चाहिए इसे हमेशा मंदिर के पास ही होना चाहिए।
  • अगर आपके घर का आंगन ठीक बीचों बीच है, तो आंगन में कोई भी पेड या पौधा लगाने से बचें। वास्तु के अनुसार घर के बीचों बीच बने आंगन में पौधा नहीं लगाना चाहिए। इस बात का ध्यान रखें कि मुख्य द्वार के ठीक सामने कोई बड़ा पेड़ या पौधा न हो। ऐसे पौधे अवरोध का काम करते हैं। इससे सकारात्मक ऊर्जा घर के अंदर नहीं आ पाती है और घर में सिर्फ नकारात्मकता बढ़ती ही जाती है।
  • ऊंचे और घने पेड मकान के दक्षिण या पश्‍चिम की ओर लगाएं। ऐसा करना शुभ फलदायी होता है। लंबे पेड़ जैसे नारियल के पेड़ को घर के गार्डन में नहीं लगाने चाहिए। जिसकी वजह से घर में सूर्य की रोशनी नहीं आती है और वास्तु के अनुसार घर में सूर्य की रोशनी जरूर आनी चाहिए। इसलिए इन पौधों को घर में नहीं बल्कि घर से थोड़ी दूरी पर लगाना चाहिए।
  • घर में कांटेदार पौधे घर में नहीं लगाने चाहिए। कहा जाता है कि ये पौधे घर में नकारात्मक उर्जा लाते हैं घर में अगर इस तरह के पेड़-पौधें हो तों उन्हें कहीं और रख देना चाहिए।
  • छोटे कद के पौधों के लिए पूर्व या उत्तर दिशा का चुनाव करें। भूल से भी इन्हें उत्तर-पूर्व दिशा में न लगाएं। ऐसा करना अशुभ हो सकते है।
  • बैठने की जगह के लिए गार्डन की दक्षिणी और पश्चिमी दिशा सबसे उत्तम होती है। बैठक व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए कि आपका मुँह उत्तर और पूर्व की ओर हो। गार्डन में एक केंद्रीय बिंदु जरूर होना चाहिए। यह प्रेरणादायी और सुकून देने वाला होता है। यह केंद्रीय बिंदु फाउंटेन, फिश एक्वेरियम या कोई मूर्ति हो सकती है।
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इन तरीकों को अपना कर आप अपने गार्डन को वस्तु दोषों से मुक्त कर सकते हो। और यह आप की समृद्धि का कारण भी बन सकता है। वास्तु दोषों से मुक्त गार्डन आप को शरीरिक और मानसिक रूप से मजबूत करता है।

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