सोते समय सिर की दिशा

सोते समय सिर की दिशा- Sleeping Direction



सोते समय सिर की दिशा (Sleeping Direction)

जरूरी है सोते समय सिर की दिशा का ध्यान रखना।अच्छी सेहत के लिए सोना भी जरूरी होती है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं की कैसे भी सो जाएं।  वास्तु हर चीज़ के बारे में बताता है। वास्तु सोते समय सिर की दिशा भी बताता है। सोते समय सिर की दिशा महत्वपूर्ण होती है। सही दिशा फायदें देती। गलत दिशा नुकसान पहुँचती है।
हर इंसान के अपने सोने का तरीका अलग है। महिलाएं अलग ढंग से सोती है।पुरुष अलग ढंग से सोते है। ऐसा करने से इनकी सोते समय सिर की दिशा अलग होती है ।हर कोई अपने-अपने तरीके से जो उचित लगता है उस हिसाब से सोते है।लेकिन अगर आप गलत ढंग से सोते है तो उसका आपको नुकसान भुगतना पड़ सकता है।



कब और कैसे सोना चाहिए ?(Sleeping In Hindi Meaning)

शयन का हमारे जीवन और स्वस्थ्य पर असर पढ़ता है। इसीलिए जरूरी है की सब सही ढंग से सोये। आइए जानते है की हमे कैसे सोना चाहिए।




  • रात में भोजन करते ही नहीं सोना चाहिए।
  • सोने से पहले भगवन को याद करना चाहिए।
  • अगले दिन की योजना बनाकर सोएं। ऐसा करना उचित होता है।
  • सोने से पहले अपने हाथ पैर जरूर धोएं।
  • सोते समय सिर की दिशा दक्षिण दिशा होनी चाहिए। पैरों की दिशा उतर दिशा होनी चाहिए।
  • बाईं करवट लेकर सोना चाहिए।
  • सोने से पहले अपना मनपसदं गीत सुनना चाहिए। इसे आपको नींद अच्छी आएगी।
    जल्दी सोना चाहिए। ऐसा करने से आप सुबह जल्दी उठ पाएंगे। वास्तु के अनुसार सुबह जल्दी उठना चाहिए।
  • सुबह सूर्योदय से पहले उठना चाहिए।
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किस तरफ सोना चाहिए (In Which Direction Should We Sleep)

हमें यह जाना बहुत जरुरी है की हम किस तरह से सोयें ताकि हमारा स्वास्थ्य सही और निरोगी रहे।हमारी उम्र भी बढे और हम तंदुरस्त रहे।एक शोध के अनुसार हम अपनी जिंदगी के 25 साल सोने में बिताते है।एक सप्ताह में 168 घंटे सोते है । यानी रोजाना 8-9 घंटे हम सोते है।
ऐसे में सोना हमारी जिंदगी का महत्वपूर्ण भाग है। कई बार शरीर में होने वाले दर्द गलत स्लीपिंग पोजीशन की वजह से ही होते है।गलत स्थिति में सोने से नींद भी पूरी नहीं होती जिससे स्वभाव चिढचिढा होजाता है।आईये जानते है सही स्लीपिंग पोजीशन के बारे में और इसके फायदे और नुकसानक्या है ।

सोते समय सिर की दिशा में रखे ( Best direction to sleep)

सोल्जर पोजीशन -Soldier Position

सोल्जर पोजीशन जिसमे सीधा सोया जाता है।इसे सोने की आदर्श स्थिति माना
जाता है।इस पोजीशन में सोते समय आप कोशिश करें की सिर के नीचे बिया तकिये के सोयें
और घुंटने के नीचे एक बड़ा तकिया लगाये, इससे आपकी निचली पीठ और बैक को सहारा
मिलेगा।
फायदा :- इससे नींद ना आने की समस्या दूर होती है और चेहरे
से झुर्रियां खत्म होती है।इससे गर्दन, रीढ़ की हड्डी और पुरे शरीर को आराम मिलता
है।

स्टारफीश पोजीशन – Starfish Position

इस स्थिति में दो हाथ पीछे और दोनों पैर खुले होते है।
फायदा :- इससे सिरदर्द की आशंका कम होती है और रीढ़ की
हड्डी तथा गर्दन को आराम मिलता है।
नुकसान :- इसमें बाहों की अजीब स्थिति होने की वजह से कंधे
की नसों पर दबाव पड़ता है जिससे कंधे में दर्द की समस्या रह सकती है।
समाधान :- इसमें आप सोते समय तकिये से दुरी बनाने की कोशिश
करें ताकि बॉडी को सही स्थिति मिल जाए।

लाग पोजीशन – Log Position

इस स्थिति में बाईं थफ करवट लेकर सोना होता है।
फायदा :- इस तरह से सोने से रीढ़ की हड्डी को आराम मिलता है।खर्राटे
कम आते है।गर्भवती महिलाओं के लिए यह सबसे अच्छी पोजीशन है.
नुकसान :- लेकिन इस स्थिति में सोने से सारा भार एक तरफ आ
जाता है जिससे पीठ और हीप में दर्द की समस्या हो सकती है।चेहरे पर झुर्रियां आ
सकती है और स्तनों में ढीलापन आ सकता है।गर्दन में दर्द हो सकता है।
समाधान :- इस तरह सोने पर एक बड़ा तकिया जांघों के बीच रखकर
सोयें।

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फ्रीकाल पोजीशन – Freecal Position

इसमें पेट के बल सोया जाता है।ज्यादातर जानकार इस तरह से सोने से मना
करते है क्योंकि इससे हमारे प्राइवेट अंगो पर दबाव आता है जो की सेहत के लिए अच्छा
नहीं है।




वास्तु के अनुसार सोते समय सिर की दिशा (Sleeping Direction As Per Vastu)

दक्षिण दिशा को सबसे सही दिशा माना गया है। सोते समय सिर की दिशा यही होनी चाहिए। वास्तु शास्त्र के अनुसार इसी दिशा में सिर रखना चाहिए। धन प्राप्ति की लिए भी दक्षिण दिशा उचित है।सोते समय सिर की दिशा अगर दक्षिण है तो आपकी आयु बढ़ेगी।
सोते समय सिर की दिशा पूर्व भी हो सकती है। ऐसे में आपके पैर पश्चिम दिशा में होंगे। पूर्व को सूर्य देवता की दिशा माना जाता है। इस दिशा की तरफ पैर रखना सही नहीं है। इसलिए यह दिशा सोते समय सिर की दिशा हो सकती है। विद्या की प्राप्ति के लिए पूर्व दिशा उचित है।
उतर की तरफ सिर रख कर नहीं सोना चाहिए। पृथ्वी की चुंबकिये शक्ति दक्षिण से उतर की तरफ उतरती है। इसीलिए यह दिशा सोते समय सिर की दिशा के लिए उचित नहीं है।

बाईं करवट करके क्यों सोना चाहिए ?(Direction for Sleeping)

इसके पीछे भी एक वैज्ञानिक आधार है। यह स्वर विज्ञानं पर आधारित है। नाक से अंदर और बहार होने वाली सांस स्वर होती है। जब आप नाक के बाएं छिद्र से सांस लेके दूसरे छिद्र से छोड़ते है तो उसे चंद्र स्वर कहते है। जब यह कार्य दाहिने स्वर से करते है तो उसको सूर्य स्वर कहते है। सूर्य स्वर से शरीर में उष्मा उत्पन्न होती है। यह भोजन पचाने में सहायता करती है। इसीलिए बाईं करवट करके सोना चाहिए।

सोने के लिए वास्तु के नियम (Sleeping Position As Per Vastu)

वास्तु बताता है की सोते समय सिर किस दिशा में रखना चाहिए। सोने के लिए भी कई नियम है। वास्तु के नियमों का पालन करने से बहुत लाभ होते है। आइए जानते है वास्तु के कुछ नियम:

  • वास्तु के अनुसार उतर दिशा मी सर कभी नहीं करें। यह दिशा सोते समय सिर की दिशा नहीं होनी चाहिए। यह दिशा सिर्फ मृत व्यक्तियों के लिए होती है। सोते समय सिर की दिशा यह रखने से बड़ी बिमारियों हो सकती है।
  • दक्षिण दिशा में सिर रखने से ख़ुशी और समृद्धि बढ़ती है। यह दिशा सोते समय सिर की दिशा के लिए सबसे उचित है।
  • पूर्व दिशा में सिर रख कर सोने से आपका स्वस्थ्य अच्छा रहता है। एकाग्रता भी बढ़ती है। यह दिशा भी सोते समय सिर की दिशा के लिए उचित है।
  • सोते समय सिर की दिशा पश्चिम दिशा भी हो सकती है। इस दिशा में सोने से नाम , समृद्धि और प्रसद्धि बढ़ती है।
  • सोते समय सिर की दिशा दक्षिण पश्चिम दिशा हो सकती है। वास्तु के अनुसार यह दिशा सबसे शक्तिशाली होती है।
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मास्टर बैडरूम वास्तु (Master Bedroom Vastu)

सोते समय सिर की दिशा के साथ मास्टर बैडरूम का वास्तु भी जरूरी है। मास्टर बैडरूम घर का सबसे बड़ा बैडरूम होता है। वास्तु के अनुसार घर के मास्टर बैडरूम में मालिक को सोना चाहिए। आइए जानते है मास्टर बैडरूम के वास्तु टिप्स :




  • वास्तु के अनुसार घर के दक्षिण-पश्चिम दिशा में मास्टर बैडरूम होना चाहिए।
  • मास्टर बैडरूम बाकि कमरों से बड़ा होना चाहिए।
  • अगर घर में एक से ज्यादा मालें है तो पहले मलें पर मास्टर बैडरूम होना चाहिए। इस पर भी दक्षिण-पश्चिम दिशा में ही होना चाहिए।
  • मास्टर बैडरूम में बिस्तर दक्षिण या पश्चिम दिवार की सिरहाने होना चाहिए।
  • कोने में बिस्तर लगाना सही नहीं होता।
  • वास्तु के अनुसार मास्टर बैडरूम में शादी शुदा लोगों को ही रहना चाहिए।
  • मास्टर बैडरूम का दक्षिण-पश्चिम दिशा हमेशा भरा हुआ होना चाहिए।
  • मास्टर बैडरूम में दक्षिण पश्चिम दिशा में आप अलमारियां रख सकते है।

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